चंडीगढ़ में पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स की विशाल महारैली, सामूहिक अवकाश से सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप
चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार की नीतियों के विरोध में ‘पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स सांझा फ्रंट’ की संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में आज चंडीगढ़ में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
इस महा रोष प्रदर्शन में सम्मिलित होने हेतु संपूर्ण पंजाब राज्य से हजारों की संख्या में कर्मचारी व पेंशनभोगी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। रैली को पूर्णतः सफल बनाने के लिए राज्य भर के सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश (Mass Leave) लिया है, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब के विभिन्न जिलों व उपमंडलों में स्थित बहुतायत सरकारी कार्यालयों में प्रशासनिक एवं जनसुविधा से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
👮 सेक्टर-39 में उमड़ा कर्मचारियों का सैलाब, सुरक्षा के दृष्टिगत भारी पुलिस बल तैनात
वर्तमान में चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित रैली स्थल पर भारी संख्या में कर्मचारी एवं पेंशनर एकत्र हुए हैं, जो राज्य सरकार की नीतियों के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी कर अपनी मांगों के पक्ष में आवाज बुलंद कर रहे हैं।
प्रदर्शन की विशालता और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चंडीगढ़ प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा रैली स्थल तथा उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पुलिस बल और बैरिकेडिंग तैनात की गई है।
😡 “पुरानी पेंशन और 18% DA पर सरकार ने किया अन्याय”: कर्मचारियों का मान सरकार पर बड़ा हमला
आंदोलनकारी कर्मचारी नेताओं के अनुसार, बार-बार आश्वासन दिए जाने के उपरांत भी जायज मांगों को न माने जाने से कर्मचारियों व पेंशनभोगियों में पंजाब सरकार के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने जहाँ एक ओर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को व्यावहारिक रूप से बहाल नहीं किया, वहीं दूसरी ओर 18 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता (DA) जारी करने के बजाय उच्च न्यायालय में कर्मचारियों व पेंशनरों के हितों के विपरीत वकीलों की फौज खड़ी करके उनके अधिकारों का हनन किया है। कर्मचारी नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि राज्य सरकार को कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का टकराव मोल लेना अत्यंत महंगा पड़ेगा।
📋 1 लाख कर्मचारियों की हुंकार: कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और पंजाब वेतनमान की मुख्य मांगें
“सांझा फ्रंट के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि पंजाब भर से लगभग एक लाख सरकारी कर्मचारी, पेंशनर, आउटसोर्स और इनलिस्टेड कर्मी इस महारैली एवं रोष मार्च में भाग ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर पैरवी की जा रही है:”
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को अविलंब पूर्ण रूप से बहाल किया जाए।
महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किस्तों तथा बकाये का शीघ्र भुगतान हो।
17 जुलाई 2020 के पश्चात भर्ती किए गए कर्मचारियों पर केंद्रीय वेतनमान के स्थान पर पंजाब का अपना वेतनमान लागू किया जाए।
वर्षों से कार्यरत कच्चे, आउटसोर्सिंग एवं इनलिस्टेड कर्मचारियों को नियमित (पक्का) किया जाए तथा उत्पीड़न बंद हो।