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संसद के सदनों से गायब क्यों हैं गृहमंत्री अमित शाह

अब विपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष के भीतर भी उठ गये सवाल

दिल्ली फायरिंग का जवाब सभी को चाहिए

परिसर में आने के बाद भी सदन में नहीं

सभी सुरक्षा बल उन्हीं के अधीन कार्यरत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के आह्वान पर जुटे प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा बेरहमी से बल प्रयोग किए जाने के दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी भी संसद से गायब हैं। विपक्षी दलों द्वारा सदन के भीतर और बाहर लगातार यह मांग किए जाने के बावजूद कि गृह मंत्री इस बात पर स्पष्ट बयान दें कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स, जो दोनों सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं—ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर आंसू गैस, नुकीली कीलों वाली लाठियों और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया, अमित शाह संसद में नजर नहीं आए हैं।

इस घटना के बाद से संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे सहित तमाम प्रमुख विपक्षी नेताओं ने बार-बार यह सवाल उठाया है कि आखिर गृह मंत्री सदन से क्यों बच रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि युवाओं के लोकतांत्रिक प्रदर्शन के खिलाफ जिस तरह से अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया, वह बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर था।

संसद सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री के इस्तीफे और सदन में आकर जवाब देने की मांग को लेकर भारी हंगामा किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा किए गए इस बर्बर दमन की नैतिक जिम्मेदारी गृह मंत्री की बनती है, क्योंकि दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर उनके मंत्रालय के अंतर्गत आती है। अब सत्ता पक्ष के सहयोगी दलों के भीतर भी यह सवाल उठ रहा है कि सदन में इतना कुछ होने के बाद भी अमित शाह सदनों से भागे भागे क्यों फिर रहे हैं।