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अमेरिका के वाशिंगटन के करीबी शहर पर दावानल का कहर बरपा

सात सौ इमारतें तबाद चौसठ हजार लोग हटाये गये

स्पोकेनः अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि वाशिंगटन के स्पोकेन शहर के बाहरी इलाकों में पिछले तीन दिनों से बेकाबू होकर भड़क रही भीषण जंगल की आग ने कम से कम 700 इमारतों को पूरी तरह से राख कर दिया है। इस भयानक आपदा के कारण राज्य के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले इस शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

पैसेफिक नॉर्थवेस्ट, जो पहले से ही सूखे की मार झेल रहा है और जहां पिछले कई हफ्तों से दर्जनों बड़े जंगल की आग सुलग रही हैं, वहां चल रही इन तीन भयंकर आग के समूहों को पूरे अमेरिका में अग्निशमन विभाग के लिए सबसे सर्वोच्च प्राथमिकता माना गया है। इन आग की वजह से पूरे व्यापक क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है।

स्पोकेन क्षेत्र की यह आग शनिवार को शहर की उत्तरी सीमा पर भड़कने के बाद से अब तक 8,000 एकड़ (3,200 हेक्टेयर) से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। आपको बता दें कि यह शहर इदाहो सीमा के पास रॉकी पर्वत की तलहटी के पश्चिम में स्थित है, जहां लगभग 2,300,000 निवासी रहते हैं।

आग वाले क्षेत्र से सामने आए वीडियो फुटेज में पेड़ों की चोटियों के बीच से गुजरते हुए धुएं का कई मील लंबा गुबार साफ देखा जा सकता है, जबकि ऊपर से विमान टैंकर उड़ान भरकर आग बुझाने वाले लाल रंग के घोल की बौछार कर रहे थे। शहर के उत्तर में आसमान में धुएं के भारी गुबार छाए हुए थे, क्योंकि स्पोकेन के डाउनटाउन से 6 मील (10 किमी) दूर स्थित वनों की भूमि को आग लगातार लील रही थी। अन्य जगहों पर उपनगरीय घर जले हुए पेड़ों के बीच धुएं से घिरे खंडहरों में तब्दील हो चुके थे। कुछ अन्य वीडियो में आग को पास के आवासों के ऊपर जंगली रिज लाइनों के साथ जलते हुए देखा गया।

इंसिडेंट कमांड सेंटर के प्रवक्ता बेंजामिन कोसेल के अनुसार, सोमवार तक लगभग 64,000 लोग तत्काल निकासी के आदेश के दायरे में थे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या मात्र 4,000 थी। कोसेल ने बताया कि ज्यादातर रिहायशी इलाकों में कम से कम 700 संरचनाएं आग की भेंट चढ़ चुकी हैं, और हवाई अवरक्त (इन्फ्रारेड) सर्वेक्षणों से यह संकेत मिला है कि घरों सहित संभवतः 400 अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं। आग लगने के स्पष्ट कारणों की फिलहाल जांच की जा रही है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर हाल के वर्षों में जंगल की आग की गतिविधि में वृद्धि को बढ़ावा देने वाली स्थितियां, विशेष रूप से लंबे समय तक सूखा और अत्यधिक गर्मी, मुख्य रूप से मानव-जनित जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं।