बेंगलुरु से दिल्ली तक राजनीतिक सरगर्मी बहुत तेज
डी के शिवकुमार का कैबिनेट है
एक घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई है
कुछ मंत्री पद अब भी खाली रहेंगे
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक में बहुप्रतीक्षित राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार 3 अगस्त को होने की संभावना है। कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के नेताओं को आश्वस्त किया है कि मंत्रियों की अंतिम सूची रविवार रात तक भेज दी जाएगी। इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केपीसीसी अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक घंटे तक विस्तृत बैठक की।
बैठक में राज्य के नेताओं ने संभावित मंत्रियों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी, जिस पर गहन मंथन हुआ। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने मंत्रिमंडल में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता देने की जोरदार वकालत की, जबकि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने युवा नेताओं, प्रमुख समुदायों और कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया। शिवकुमार ने सुझाव दिया कि मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।
चर्चा के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि ग्राम पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव पूरे होने तक तीन से चार पद खाली रखे जा सकते हैं। इसके अलावा, दो और उपमुख्यमंत्री पद सृजित करने की संभावना पर भी विचार-विमर्श हुआ। राहुल गांधी ने राज्य के नेताओं को बेंगलुरु लौटने का निर्देश दिया और आश्वासन दिया कि रविवार रात तक अंतिम सूची पहुँच जाएगी। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ, बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति और दोनों सदनों के मुख्य सचेतक के पदों के लिए भी नामों पर चर्चा हुई। साथ ही, पांच एमएलसी सीटों के नामांकन पर भी विचार किया गया। कर्नाटक मंत्रिपरिषद मंु मुख्यमंत्री सहित कुल 34 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में केवल 14 सदस्य हैं, जिससे 20 पद खाली हैं। राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री पद के आकांक्षी 27 जुलाई से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे, लेकिन संसद सत्र के कारण अंतिम निर्णय में देरी हुई थी। अब सभी की निगाहें आलाकमान की अंतिम सूची पर टिकी हैं।