Ranchi News: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भारी बवाल, छात्र संगठनों और शिक्षकों के बीच हुई धक्का-मुक्की
रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन गुरुवार को एक बार फिर गंभीर विवाद में बदल गया. विश्वविद्यालय में सीटें घटाने, क्लस्टर सिस्टम लागू करने, स्मार्ट क्लासरूम समेत अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. इस झड़प के कारण कुछ ही देर के लिए विश्वविद्यालय परिसर में बेहद तनावपूर्ण स्थिति बन गई, और मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा.
🛑 कुलपति कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे शिक्षक और कर्मचारी
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी कड़ी नाराजगी जताते हुए पेन डाउन स्ट्राइक (काम का बहिष्कार) कर दी. शिक्षक और कर्मचारी सीधे कुलपति कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए. उनका आरोप है कि लगातार कुछ बाहरी छात्र विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं, जिससे संस्थान का मुख्य शैक्षणिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. उनका कहना है कि आए दिन होने वाले इन प्रदर्शनों के कारण नियमित कक्षाएं बाधित हो रही हैं और प्रशासनिक कामकाज भी ठप पड़ रहा है.
🤼 शिक्षक-कर्मचारी और छात्र संगठनों के बीच हुई तीखी बहस और धक्का-मुक्की
शिक्षकों और कर्मचारियों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और धक्का-मुक्की में बदल गई. मौके पर मौजूद कुछ समझदार लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की भरपूर कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता चला गया.
📋 छात्र संगठनों की मांग: आरोपी कर्मचारी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई की है. उन्होंने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई तो उनका आंदोलन और अधिक उग्र हो जाएगा और सड़क से लेकर विश्वविद्यालय के भीतर तक व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
📚 “शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना हमारी प्राथमिकता” – शिक्षक और कर्मचारी पक्ष
दूसरी ओर, शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल विश्वविद्यालय में पढ़ाई का एक शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि बार-बार होने वाले उग्र प्रदर्शनों से शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों चरमरा रही हैं, और कुछ बाहरी तत्व जानबूझकर विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं.
🗣️ “मनमाने ढंग से निर्णय ले रहा है प्रशासन” – छात्र संगठनों का आरोप
इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि कुछ छात्र लगातार अनुशासनहीनता पर उतारू हैं और विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं. वहीं इसके विपरीत छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह मनमाने ढंग से निर्णय ले रहा है और छात्रों की जायज समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है.
👮 सिटी एसपी ने संभाला मोर्चा, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी
घटनाक्रम के दौरान बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए रांची के सिटी एसपी खुद डीएसपीएमयू परिसर पहुंचे और छात्रों के साथ सीधे संवाद कर माहौल शांत कराने की कोशिश की. उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की और विवाद का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालने का सुझाव दिया. डीएसपी की इस पहल के बाद अब विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता शुरू हो चुकी है. फिलहाल परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक से कोई ठोस समाधान निकलता है या आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होता है.