Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ranchi News: झारखंड के सरकारी स्कूलों में 7,299 सहायक आचार्य पदों पर बंपर भर्ती, 31 जुलाई से शुरू हो... Jharkhand Missing Case: मानसिक विक्षिप्तता के कारण दो दशक पहले घर से निकले थे अवधेश राम, पुलिस और एन... Jamshedpur News: जुगसलाई में पुलिस ने नाकाम की हत्या की साजिश, जिला बदर अपराधी समेत 10 आरोपी गिरफ्ता... Ranchi News: रांची में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने, प्रदर्शन के दौरान जमकर हुई नारेबाजी और फेंके ग... Dhanbad News: धनबाद-गोमो रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत, राजधानी एक्सप्रेस को रोक... Ranchi News: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भारी बवाल, छात्र संगठनों और शिक्षकों के बीच... Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में चमत्कार, मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला इलाज के बाद सकुशल अपने घर... Bokaro News: जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बोकारो में कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा ... Palamu News: चर्चित विनीत तिवारी अपहरण हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रशांत तिवारी झांसी से गिरफ्तार, पु... Dhamtari News: स्वीडन में चमके धमतरी के सत्यांशु दीप, स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप में भारत को दिलाया क...

Kawardha News: प्रधानमंत्री जन-मन योजना से बदली कवर्धा के वनांचल की तस्वीर, 3 किमी लंबी पक्की सड़क से मिला सुगम सफर

कवर्धा: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत बनाई गई नई पक्की सड़क ने स्थानीय ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का हमेशा के लिए समाधान कर दिया है. जहां पहले बरसात के दिनों में कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, वहीं अब इसी मार्ग पर गाड़ियां आसानी से फर्राटे भर रही हैं, जिससे ग्रामीणों का सफर बेहद सुरक्षित, सुगम और तेज हो गया है.

🚧 वनांचल गांवों में जन-मन योजना से तैयार हुई 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बांटीपथरा से पढ़ियाधरान तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी इस आधुनिक पक्की सड़क का निर्माण 143.82 लाख रुपये की लागत से पूरा किया गया है. इस सड़क के बनने से आसपास की लगभग 135 बसाहटों के लोगों को अब वर्षभर बारहमासी आवागमन की बेहतरीन सुविधा मिलने लगी है. अब ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और विभिन्न शासकीय सेवाओं तक पहुंचने के लिए पहले जैसी जान जोखिम में डालने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है.

🗣️ ग्रामीणों की जुबानी: कीचड़ भरे रास्तों से लेकर पक्की सड़क तक का सफर

ग्राम बांटीपथरा निवासी राजेंद्र कुमार मरकाम ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले बारिश के मौसम में गांव से बाहर मुख्य मार्ग तक निकलना भी किसी संघर्ष से कम नहीं था. कीचड़ और अत्यधिक खराब रास्तों के कारण कई बार इमरजेंसी में जरूरी काम भी बीच में ही टालने पड़ जाते थे, लेकिन अब सड़क बन जाने से आवागमन बेहद आसान हो गया है जिससे लोगों का समय और श्रम दोनों की भारी बचत हो रही है. वहीं, दूसरे ग्रामीण नन्हें सिंह मरकाम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले बांटीपथरा से पढ़ियाधरान के बीच कोई पक्का रास्ता नहीं था और बरसात के दिनों में पूरा मार्ग कीचड़ से सन जाता था, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. अब इस पक्की सड़क के निर्माण से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार के नए अवसरों तक पहुंच काफी सुगम हो गई है. यह सड़क केवल आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि इस वनांचल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है.