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दिल्ली पुलिस के इंकार के बाद भी घायल सामने है

पैलेट गन से छात्र की दाहिनी आंख में चोट

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई 2026 को आयोजित संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के दौरान पैलेट गन की चपेट में आए 19 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवक की दाहिनी आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पीड़ित छात्र के परिवार ने इस बेहद दर्दनाक स्थिति की जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से साफ तौर पर इंकार किया है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ निवासी साहिल लोचब को गंभीर हालत में एम्स के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ मंगलवार (21 जुलाई 2026) को उनकी आंख से पैलेट निकालने के लिए आपातकालीन सर्जरी की गई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि आंख की पुतली अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसमें दोबारा दृष्टि वापस आने की केवल 1 प्रतिशत संभावना ही बची है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र साहिल भविष्य में पुलिस बल में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनकी माँ ज्योति ने भारी मन से बताया, साहिल इससे पहले भी सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुआ था। सोमवार (20 जुलाई) को वह यह कहकर दोबारा गया था कि यह आंदोलन उसकी पढ़ाई और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। वह हमेशा से एक पुलिस अधिकारी बनना चाहता है और दूरस्थ शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।

साहिल की माँ ने आगे बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर उनकी आंख का एक और ऑपरेशन जल्द ही किया जाएगा। साहिल के बचपन के मित्र प्रवेश ने बताया, साहिल ने हमें बताया कि पैलेट सीधा उसकी आंख में आकर लगा था। डॉक्टरों ने हमें जानकारी दी है कि पुतली की दूसरी सर्जरी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसकी दृष्टि सामान्य हो पाएगी या नहीं। प्रवेश के अनुसार, साहिल अभी देख पाने में असमर्थ है और अत्यधिक असहनीय दर्द से गुजर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि साहिल बचपन से ही शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहद मुखर रहा है और वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना के बाद साहिल को पहले एलएचएमसी अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल करने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन साहिल के परिजनों और अस्पताल के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि घाव और चोटें सीधे तौर पर पैलेट लगने के कारण ही आई हैं।