Breaking News in Hindi

OTT Censorship: ‘सतलुज’ विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्य!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार जल्द ही ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्मों के प्रमाणन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमावली 2021 में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने यह अहम जानकारी दी है। यह सख्त कदम दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर हुए भारी विवाद के बीच उठाया जा रहा है, जिसे बिना किसी सरकारी मंजूरी के रिलीज कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब ओटीटी मंच पर किसी भी फिल्म के रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड (CBFC) से अनिवार्य प्रमाणन और मंजूरी लेने का नियम लागू करने की तैयारी में है, जिसके लिए IT नियमावली में संशोधन करना जरूरी है।

बिना सेंसर फिल्म दिखाने पर ‘ZEE5’ पर कार्रवाई की तैयारी

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिना सेंसर वाली फिल्म ‘सतलुज’ दिखाने को लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी5’ (ZEE5) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है। दरअसल, यह फिल्म अभी भी फिल्म प्रमाणन सेंसर बोर्ड (CBFC) के पास विचार के लिए लंबित है और इसमें कई ‘काटछांट’ (Cuts) के सुझाव दिए गए थे। हालांकि, वर्तमान में ओटीटी सामग्री सीबीएफसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण 3 जुलाई को रिलीज होने के महज दो दिन बाद ही सरकार के आदेश पर इस फिल्म को ‘जी5’ प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था।

निजी जगहों पर स्क्रीनिंग और ‘सतलुज’ का राजनीतिकरण

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। उन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी और 1995 में कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी। बिना प्रमाणन के निजी जगहों और गुरुद्वारों में ‘सतलुज’ फिल्म को दिखाए जाने को लेकर सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करे और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है।

IT एक्ट की धारा 69A और समिति की सिफारिशें

आपको बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 का तीसरा हिस्सा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को ओटीटी सामग्री की निगरानी के लिए IT अधिनियम की ‘धारा 69A’ लगाने का अधिकार देता है। धारा 69A सरकार को भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था जैसे आधारों पर ऑनलाइन सामग्री को प्रतिबंधित करने का विशेष अधिकार देती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिल्म ‘सतलुज’ की सामग्री की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई समिति ने भी सिफारिश की है कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसके सार्वजनिक प्रदर्शन पर लगी रोक जारी रहनी चाहिए, क्योंकि कथित तौर पर यह फिल्म भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है।