अमेरिकी पहल पर रोम में हो रही है कूटनीतिक चर्चा
एजेंसियां
रोमः रोम में मंगलवार को अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजराइल के बीच वार्ता का पहला दिन संपन्न हुआ। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य मार्च 2026 में शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार किए गए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करना है। इजराइल ने संकेत दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान के दो निर्दिष्ट पायलट जोन से अपनी सेना हटाने के लिए तैयार है।
यह समझौता पिछले महीने वाशिंगटन में हुई पांच दौर की बातचीत के बाद तय हुआ था। इस फ्रेमवर्क के मुख्य बिंदुओं में युद्ध का अंत, हिजबुल्लाह का निरस्त्रीकरण, दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती और इजरायली बलों की क्रमिक वापसी शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने वार्ता के पहले दिन को सकारात्मक और उत्पादक बताया है। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने आशा व्यक्त की है कि रोम की यह वार्ता पायलट जोन को लागू करने की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।
लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि उनके प्रतिनिधिमंडल को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगे किसी भी चर्चा से पहले इजराइली सेना की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने की मांग करें। लेबनानी सूत्रों के अनुसार, सेना उन क्षेत्रों का नियंत्रण संभालने के लिए तैयार है जहां से इजरायली सेना हटेगी। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी चुनौती हिजबुल्लाह का रुख है, जिसने इस समझौते को पूरी तरह खारिज कर दिया है। तेल अवीव स्थित इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज की ओर्ना मिजराही के अनुसार, इजराइल वापसी को तैयार है, लेकिन उसकी सख्त शर्त यह है कि खाली किए गए क्षेत्रों में हिजबुल्लाह की फिर से कोई मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। वे चाहती हैं कि लेबनानी सेना उन क्षेत्रों को एक तटस्थ जोन के रूप में बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम हो। बुधवार को वार्ता का अगला दौर शुरू होगा, जिस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हैं।