अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने SIT से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट में हिंदू धर्मपरिषद् की याचिका समेत कुल 4 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। धर्मपरिषद् ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है।
🔍 कोर्ट में SIT और ट्रस्ट को नोटिस
सीजेआई (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली 3 सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई की शुरुआत में सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि राज्य प्राधिकार मामले की जांच कर रही हैं। इस पर कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए SIT से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेटस रिपोर्ट में SIT की संरचना का पूरा विवरण दिया जाए।
📝 सुप्रीम कोर्ट से की गईं प्रमुख मांगें
CJI सूर्यकांत की बेंच कुल 4 याचिकाओं पर विचार कर रही है। इनमें अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से मांग की गई है कि:
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पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए।
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सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) से जांच हो।
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सबूतों को सुरक्षित रखा जाए।
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मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी जरूरी है। इन याचिकाओं में वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी, अजय कुमार राय और आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की याचिकाएं शामिल हैं।
📢 कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग
इस बीच कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने जयपुर में कहा कि राम मंदिर के नाम पर जुटाई गई निधि राजनीतिक लूट का साधन बन गई है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है। विपक्षी दल लगातार चंदा प्रबंधन में कथित आर्थिक अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।