आशंका के मुताबिक ही पुलिस की पूर्व सक्रियता काम आयी
एजेंसियां
बर्लिन: जर्मनी के ऐतिहासिक शहर एरफर्ट में उस समय भारी राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था का संकट पैदा हो गया, जब शनिवार को हजारों की संख्या में उग्र प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों और यातायात मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया। इस विशाल जन-प्रदर्शन का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य धुर दक्षिणपंथी राजनीतिक दल एएफडीअल्टरनेटिव फॉर डॉयचलैंडएएफडी (एएफडी) के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की कार्यवाही को पूरी तरह ठप करना था। इस सम्मेलन में देश भर से पार्टी के प्रतिनिधि और शीर्ष पदाधिकारी अपने नए संगठनात्मक नेताओं और भविष्य की राजनीतिक दिशा का चुनाव करने के लिए एकत्र हुए थे।
इस सम्मेलन को लेकर छिड़ा विवाद महज राजनीतिक मतभेदों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरा ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक कारण भी था। जर्मनी के प्रमुख इतिहासकारों, राजनेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप है कि एएफडी ने जानबूझकर इस सम्मेलन की तारीख और स्थान का चयन किया है। दरअसल, यह तारीख ठीक 100 वर्ष पहले वाइमर में आयोजित उस कुख्यात नाजी सम्मेलन की शताब्दी (100वीं वर्षगांठ) से मेल खाती है, जहां तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने कुख्यात एएफडीहिटलर यूथएएफडी संगठन और फासीवादी एएफडीहिटलर सैल्यूटएएफडी (अभिवादन) की आधिकारिक शुरुआत कर अपने दमनकारी आंदोलन की नींव मजबूत की थी। हालांकि, एएफडी नेतृत्व इन प्रतीकात्मक और जानबूझकर किए गए चयन के आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है।
जर्मनी के पिछले संघीय चुनाव में करीब 20 प्रतिशत मत हासिल कर देश की मुख्यधारा की राजनीति में अपनी मजबूत धमक दर्ज कराने वाली इस पार्टी को लेकर समाज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंताएं हैं। जर्मनी के कई प्रगतिशील, सामाजिक और लोकतांत्रिक तबके एएफडी को अत्यधिक कट्टरपंथी, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और दक्षिणपंथी चरमपंथी संगठन मानते हैं। पार्टी की छवि इस कदर विवादित हो चुकी है कि फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडीनेशनल रैलीएएफडी (National Rally) सहित यूरोप के कई अन्य रूढ़िवादी और दक्षिणपंथी दलों ने भी अपनी छवि को बचाने के लिए इससे अपने सभी राजनीतिक संबंध पूरी तरह तोड़ लिए हैं।
एएफडी विडेरसेट्ज़ेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रूप से आंकड़े साझा किए। समूह ने दावा किया कि लगभग 17,000 से अधिक नागरिकों ने लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और सुरक्षा की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली एकजुटता दिखाते हुए शहर की प्रमुख धमनियों को ब्लॉक कर दिया।
इसके विपरीत, एरफर्ट के मुख्य हॉल के भीतर चल रहे सम्मेलन को संबोधित करते हुए एएफडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और फायरब्रांड नेता एलिस वीडेल ने बेहद कड़े लहजे में बाहर डटे प्रदर्शनकारियों पर पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, दरवाजे पर खड़े ये उपद्रवी और प्रदर्शनकारी हमारे हौसलों को डिगा नहीं सकते और न ही हमें नीचे गिरा सकते हैं।
एएफडी पर लंबे समय से नस्लवादी, यहूदी-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी नीतियों को गुप्त रूप से एजेंडे में शामिल करने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आलोचकों का कहना है कि पार्टी के कई नेता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों द्वारा किए गए नरसंहारों और काले कारनामों के ऐतिहासिक महत्व को कम आंकने (डाउनप्ले करने) का प्रयास करते हैं।
सम्मेलन स्थल के बाहर बढ़ता यह वैचारिक और ऐतिहासिक तनाव जल्द ही हिंसक झड़पों में बदल गया। एरफर्ट की सड़कों पर सुरक्षा के लिए तैनात दंगा नियंत्रण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी धक्का-मुक्की और झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और बैरिकेडिंग का सहारा लेना पड़ा। शहर में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।