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जापान में भालू के हमले में एक और संदिग्ध मौत

अब तक पूरे देश में भालू देखे जाने के पचास हजार आंकड़े

एजेंसियां

टोक्योः जापान में पिछले एक साल के भीतर देश भर में 50,000 से अधिक बार भालू देखे जाने (बियर साइटिंग्स) का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। इस बीच, अधिकारियों द्वारा इस बात की जांच की जा रही है कि क्या हाल ही में हुई एक और व्यक्ति की मौत का संबंध भी भालू के हमले से है। दरअसल, यह मामला तब सामने आया है जब आओमोरी प्रांत के एक पहाड़ पर एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, आओमोरी अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पहाड़ पर मृत पाए गए व्यक्ति की जान संभवतः भालू के हमले में गई है। यदि इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो अप्रैल से अब तक भालू के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले तीन महीनों में भालू के हिंसक हमलों में होने वाली मौतें पिछले साल की तुलना में पांच गुना बढ़ गई हैं।

इससे पहले इसी महीने, उत्सवोनोमिया शहर की सड़कों पर चार दिनों तक एक भालू खुलेआम घूमता रहा, जिसे पकड़ने के लिए दर्जनों पुलिसकर्मियों, शिकारियों और शहर के अधिकारियों को तैनात करना पड़ा था। मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान जापान में रिकॉर्ड 50,000 से अधिक बार भालू देखे गए, जो कि पिछले रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों और भालुओं के बीच आमना-सामना बढ़ने की मुख्य वजह मानवीय गतिविधियां और बदलाव हैं, जिनमें ग्लोबल वार्मिंग (जलवायु परिवर्तन) और ग्रामीण आबादी का लगातार घटना शामिल है। मौसम गर्म होने के कारण भालुओं के लिए शाहबलूत और अन्य शिकार जैसे भोजन की उपलब्धता बढ़ गई है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के पलायन के चलते इंसानी बस्तियों और जंगलों के बीच की वह सीमा कमजोर हो गई है जो कभी वन्यजीवों को शहरों और खेतों से दूर रखती थी।  अब भालू हवाई अड्डे के रनवे, गोल्फ कोर्स, स्कूलों के पास, सुपरमार्केट और हॉट स्प्रिंग रिसॉर्ट्स जैसी जगहों पर भी देखे जा रहे हैं।

एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि पुलिस अभी भी मौत के असली कारणों की जांच कर रही है, हालांकि मृतक के शरीर पर भालू के दांतों के निशान पाए गए हैं। पर्यावरणविदों के अनुसार, गर्म होते जलवायु परिवेश में पर्याप्त भोजन मिलने के कारण भालुओं की आबादी फल-फूल रही है, जिसके चलते पिछले तीन महीनों में हिंसक झड़पों और मौतों के मामलों में अप्रत्याशित रूप से भारी तेजी आई है।