वेनेजुएला में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
एजेंसियां
काराकासः वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। सोमवार को नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इन जुड़वां भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,719 हो गई है। यह आंकड़ा पहले बताई गई 1,450 की संख्या से 250 से अधिक है। इसके अलावा, इस आपदा में 5,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
बुधवार शाम को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंपों ने देश के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 800 इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 189 इमारतें पूरी तरह ढह गईं। भूकंप के बाद से अब तक 600 से अधिक झटके महसूस किए जा चुके हैं, जिनमें से सोमवार को आए 4.2 तीव्रता के झटके ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने तट के पास आए इस झटके की तीव्रता 4.6 मापी है।
वर्तमान में वेनेजुएला और दुनिया भर से आई कई अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। USGS के एक मॉडल गणना के अनुसार, मरने वालों की वास्तविक संख्या दसियों हजार तक हो सकती है, जो एक अत्यंत चिंताजनक संभावना है। हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद मलबे में किसी के जीवित मिलने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
पीड़ितों के परिवारों में निराशा और बेबसी का माहौल है। अपनों को खोने का दुख तो है ही, साथ ही इस बात का भी डर सता रहा है कि क्या उन्हें अपने प्रियजनों के शव भी वापस मिल पाएंगे। हेल्प नामक सहायता संगठन की आपातकालीन राहत समन्वयक सिमोन वाल्टर ने सोमवार को कहा, यदि मलबे के नीचे अभी भी कोई जीवित है, तो उनके लिए हर सेकंड मायने रखता है। हमारे पिछले अनुभवों के अनुसार, केवल 10 फीसदी लापता लोगों को ही जीवित बचाया जा सकता है, और अब समय तेजी से निकलता जा रहा है। बचाव कार्यों में समय और संसाधनों की कमी के चलते स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।