दुनिया अब उन्हें अच्छी तरह समझ गयी हैः श्रीनेत्र
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मानद उपाधि का मोह सभी जान गये हैं
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सेशेल्स ने यह पुरस्कार अभी चालू ही किया
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बदले में ढेर सारा उपहार दे आये खुद पीएम
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स सरकार द्वारा गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन की मानद उपाधि से नवाजे जाने के बाद देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस सम्मान को पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है। हालाँकि, इस उपाधि के मिलते ही विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इसे एक बनावटी और पुरस्कार के प्रति मोदी के जुनून का परिणाम करार दिया है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने मोदी को समझ लिया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री को कोई भी पुरस्कार थमा दो, वे उसे लेने के लिए दौड़े चले आएंगे। श्रीनेत ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी इस पुरस्कार को पाने वाले पहले व्यक्ति हैं और यह उपाधि उनसे पहले कभी किसी को नहीं दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि सेशेल्स सरकार इतनी जल्दबाजी में थी कि उन्होंने रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स का आधिकारिक नाम तक गलत लिख दिया।
विपक्ष ने इस मामले को केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे वित्तीय लेन-देन से भी जोड़ा है। श्रीनेत ने अपने पोस्ट में उल्लेख किया कि मोदी की पुरस्कारों के प्रति यह सनक देश पर भारी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेशेल्स को 125 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन और 50 मिलियन डॉलर का अनुदान देने का वादा इसी सम्मान के बदले किया गया है। उन्होंने आगे लिखा कि भक्त मूर्ख हो सकते हैं, लेकिन बाकी दुनिया इतनी नासमझ नहीं है।
इस बहस में तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने भी तीखा हमला बोला। मोइत्रा ने पीएम मोदी के विदेश दौरों और पुरस्कारों के प्रति उनके लगाव पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्राओं और पुरस्कारों से विशेष प्रेम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भारत के टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल करते हुए सेशेल्स को 500 करोड़ रुपये का अनुदान और 1250 करोड़ रुपये की क्रेडिट लाइन दी, जिसके बदले में सेशेल्स ने उन्हें एक वर्तनी की गलतियों वाला प्रमाण पत्र भेंट कर दिया।