Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिकॉर्ड में सुधार
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा देशभर की वक्फ संपत्तियों को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वक्फ संपत्तियों का विवरण केंद्रीय पोर्टल ‘उम्मीद’ पर अपलोड करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वर्तमान में, पहले से अपलोड किए गए रिकॉर्ड में सुधार या त्रुटियों को ठीक करने के लिए 30 जून की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
📊 7.95 लाख से अधिक संपत्तियों का डेटा अपलोड
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, अब तक लगभग 7.95 लाख वक्फ संपत्तियों का डेटा केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इसमें से 5.87 लाख संपत्तियों को मंजूरी मिल चुकी है। शेष संपत्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
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सत्यापन प्रक्रिया: करीब 1.19 लाख संपत्तियां अभी भी दस्तावेजों की जांच और डेटा सत्यापन के दौर से गुजर रही हैं।
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सुधार श्रेणी: लगभग 88,634 संपत्तियां त्रुटियों (जैसे अधूरी जानकारी या डुप्लिकेट एंट्री) के कारण सुधार के लिए वापस भेजी गई हैं।
🌍 प्रमुख राज्यों की स्थिति
वक्फ संपत्तियों के डेटा अपलोडिंग में कुछ राज्यों की स्थिति इस प्रकार है:
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उत्तर प्रदेश: 1.52 लाख संपत्तियां अपलोड, 1.03 लाख को मंजूरी।
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पश्चिम बंगाल: 1.34 लाख संपत्तियां अपलोड, 1.15 लाख को मंजूरी।
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केरल: 80,337 संपत्तियां अपलोड, 63,103 को मंजूरी।
📱 क्या है ‘उम्मीद’ पोर्टल?
केंद्र सरकार ने 6 जून 2025 को ‘उम्मीद’ (UMMID) पोर्टल लॉन्च किया था। इसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को एक यूनिक आईडी प्रदान करना है। इससे न केवल रिकॉर्ड प्रबंधन आसान होगा, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान में भी मदद मिलेगी।
⏳ 30 जून के बाद रिकॉर्ड में बदलाव होगा कठिन
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड में सुधार के लिए 30 जून की तारीख अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बाद पोर्टल पर बदलाव करना जटिल हो सकता है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने भी दोहराया है कि राज्य वक्फ बोर्डों के साथ समन्वय कर शेष बचे डेटा को तय समय-सीमा के भीतर अपलोड करने के प्रयास किए जा रहे हैं।