Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नई सामग्री से सूरज की रोशनी से पराबैगनी प्रकाश, देखें वीडियो Banmankhi Junction News: उद्घाटन से पहले ही टपकी अमृत भारत स्टेशन की छत; 21.5 करोड़ के निर्माण की खु... Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस...

Ranchi Rath Mela 2026: रांची की सांस्कृतिक पहचान ‘धुर्वा मेला’ की तैयारियां तेज, प्रशासन ने सुरक्षा के किए कड़े प्रबंध

रांची: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में वार्षिक रथ यात्रा महोत्सव को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के लिए पारंपरिक रथ का निर्माण ओडिशा से आए अनुभवी कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष रथ की नक्काशी और सजावट को विशेष रूप से आकर्षक बनाया जा रहा है।

🗓️ महोत्सव की महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • 29 जून (देव स्नान): भगवान का विशेष स्नान, जिसके बाद वे 15 दिनों के ‘अनासर काल’ (एकांतवास) में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मंदिर का गर्भगृह श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा।

  • 15 जुलाई (नेत्रोत्सव): धार्मिक अनुष्ठान के साथ भगवान के नेत्रों का पुनः अंकन होगा।

  • 16 जुलाई (रथ यात्रा): भव्य रथ यात्रा का आयोजन, जिसमें भगवान अपने रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। इसी के साथ 10 दिवसीय ऐतिहासिक रथ मेला शुरू होगा।

💰 मेला टेंडर और प्रशासनिक व्यवस्था

मेले के सफल संचालन के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेला टेंडर के लिए बेस प्राइस 1 करोड़ 5 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि सुरक्षा, यातायात, पेयजल और स्वच्छता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। टेंडर प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

🏹 रांची की सांस्कृतिक पहचान: धुर्वा मेला

धुर्वा रथ मेला झारखंड के सबसे बड़े पारंपरिक मेलों में से एक है। यहाँ झारखंड के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी व्यापारी पहुंचते हैं। हस्तशिल्प, पारंपरिक वाद्ययंत्र (मांदर), तीर-धनुष, घरेलू सामान और मनोरंजन के साधनों से सुसज्जित यह मेला लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।

🏛️ 1691 से है जगन्नाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास

धुर्वा स्थित यह मंदिर वर्ष 1691 में नागवंशी शासकों द्वारा बनवाया गया था। लगभग 250 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। 1991 में हुए इसके पुनर्निर्माण के बाद से यह पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।