Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand Health News: अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का ... Garhwa Monsoon Update: गढ़वा में अब तक 'जीरो' बारिश; खेती के लक्ष्य को लेकर कृषि विभाग चिंता में Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा राजनीतिक पारा; भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमने-सामने भाजप... Jharkhand News: मुहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन सख्त; डीजे पर प्रतिबंध, ड्रोन से निगरानी और CRPF की तै... Jharkhand Jobs News: स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियां; 56 फूड सेफ्टी ऑफिसर और 151 विशेषज्ञ डॉक्टर... Sports Promotion Ranchi: रांची रेल मंडल शुरू करेगा चेस, फुटबॉल और वॉलीबॉल अकादमी; नि:शुल्क प्रशिक्षण... Jamtara School Raid: स्कूल के बरामदे में बैठकर ग्राहकों को लूट रहे थे साइबर अपराधी, पुलिस ने रंगे हा... Bhilai News: स्मार्ट मीटर के खिलाफ भड़के लोग; बिजली कार्यालय में मीटर फेंककर किया जोरदार प्रदर्शन GPM Crime: गांजा तस्करी के पैसों के लेनदेन में हुआ था अपहरण; स्कॉर्पियो, पिस्टल और कारतूस के साथ आरो... Dhamtari News: युवा साहित्यकारों की नई उड़ान; कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने काव्य संग्रह 'युवोदय' का किया ...

Gwalior Cyber Crime: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर रिटायर्ड महिला से 1.57 करोड़ की ठगी, 33 दिन तक रखा हाउस अरेस्ट

ग्वालियर: साइबर अपराध के नए और खतरनाक तरीके ‘डिजिटल अरेस्ट’ ने ग्वालियर में एक महिला अधिकारी को अपना शिकार बनाया है। स्वास्थ्य विभाग की सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे को ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर 33 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और घर में कैद (डिजिटल अरेस्ट) जैसा महसूस कराया। इस दौरान महिला से करीब 1.57 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए।

☎️ क्या है डिजिटल अरेस्ट का जाल?

ठगों ने महिला को फोन कर खुद को दिल्ली का सीबीआई अधिकारी बताया। उन्होंने महिला के मोबाइल नंबर का उपयोग ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ केस में होने का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी दी। आरोपियों ने 10 मई से 13 जून तक महिला को डिजिटल अरेस्ट में रखा, जिसके कारण डर के मारे उन्होंने अपनी चारों फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाकर ठगों के बताए अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

🕵️ दिल्ली पहुंचने पर खुला सच

ठगों ने महिला को भरोसा दिलाया था कि 16 जून तक उन्हें एनओसी (NOC) मिल जाएगी, लेकिन जब कोई दस्तावेज नहीं आया, तो महिला ने 18 जून को खुद दिल्ली का रुख किया। वहां बारहखंभा पुलिस स्टेशन जाकर जब उन्होंने अपने केस के बारे में पूछा, तो उन्हें पता चला कि उनके साथ बड़ा फ्रॉड हुआ है। ठगों ने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया था।

🛡️ पुलिस की अपील: कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से?

साइबर सेल प्रभारी डीएसपी मनीष यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को सतर्क किया है:

  • संदेह रखें: कोई भी सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर कभी भी गिरफ्तारी या पैसों की मांग नहीं करती है।

  • तत्काल रिपोर्ट करें: किसी भी संदिग्ध कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी या बैंक विवरण साझा न करें।

  • पुलिस से संपर्क करें: ऐसे किसी भी दबाव वाले कॉल आने पर तुरंत नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।