गढ़वा: देश भर में मानसून की दस्तक के बावजूद गढ़वा जिले में बारिश का अब तक अता-पता नहीं है। जिले में इस साल ‘जीरो परसेंट’ बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बारिश न होने के कारण कृषि विभाग भी अपने वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने को लेकर असमंजस की स्थिति में है।
🎯 कृषि विभाग का वार्षिक लक्ष्य
झारखंड सरकार के कृषि विभाग ने गढ़वा के लिए इस साल निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
-
धान: 55,000 हेक्टेयर
-
मक्का: 30,000 हेक्टेयर
-
दलहन: 30,000 हेक्टेयर पिछले वर्ष अनुकूल मौसम के कारण विभाग ने इन लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर लिया था, लेकिन इस बार हालात अलग हैं।
☁️ क्या अल नीनो का है असर?
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, गढ़वा उन इलाकों में आता है जहाँ आमतौर पर बारिश थोड़ी देर से होती है। हालांकि, इस साल ‘अल नीनो’ (El Niño) के प्रभाव के कारण मानसून में अधिक देरी देखी जा रही है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि विभाग अभी भी आशान्वित है कि जैसे ही बारिश शुरू होगी, तय लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया जाएगा।
🚜 किसानों की बढ़ती मायूसी
मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश के अलर्ट जारी किए जा रहे हैं, जिसे सुनकर किसान शुरुआत में खुश तो हुए, लेकिन धरातल पर बारिश न होने से मायूसी बढ़ रही है। खेतों में धान के बिचड़े डालने का समय निकला जा रहा है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।