Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi Politics Analysis: राहुल गांधी का मिशन 2029; मोदी के करिश्मे और गठबंधन की राजनीति के बी... Uttarakhand Corruption News: भ्रष्टाचार के खिलाफ CM धामी की बड़ी कार्रवाई; हरिद्वार के पूर्व अधिकारिय... Deoria Medical Negligence: मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही; टूटे दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में चढ़ाया प... Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी में 25 हजार करोड़ से बनेगा वरुणा और गंगा एलिवेटेड रोड; जाम से मि... Andhra Pradesh Crime News: पारिवारिक विवाद में पिता का खौफनाक कदम; तीन बेटियों की हत्या के बाद खुद द... Telangana Hospital Negligence: महिला की अस्थियों में मिली कैंची; सरकारी अस्पताल की लापरवाही से मां-ब... Winter Air Quality Delhi: प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन; पार्किंग फीस दोगुनी, व... Deoghar Housing Scam: अबुवा और पीएम आवास योजना में रिश्वत का खेल; बंदाजोरी पंचायत के ग्रामीणों ने लग... Congress vs RJD Jharkhand: राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस-राजद आमने-सामने; 'घटिया मानसिकता' व... Child Labour Rescue Dumka: बासुकीनाथ में श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई; 3 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, ...

Health Department Chhindwara: आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द मिलेगा बकाया वेतन; एजेंसी की लापरवाही पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान

छिंदवाड़ा: जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले 3 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था। इस भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अंततः आंदोलन का रास्ता चुना और सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया। सांसद बंटी विवेक साहू के हस्तक्षेप और कर्मचारियों के विरोध के बाद कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रात में ही अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।

⚖️ कलेक्टर की सख्त कार्रवाई और निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा समय पर बजट जारी करने के बावजूद एजेंसी का वेतन न देना घोर लापरवाही है। सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाने ने बताया कि संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और अविलंब कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

🔍 ‘वेतन चोरी’ और एरियर की समस्या

असंगठित कामगार संघ के नेता वासुदेव शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2024 में वेतन बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशों के बाद भी एरियर का भुगतान नहीं किया गया। कर्मचारियों की यह भी मांग है कि वेतन नकद देने के बजाय सीधे बैंक खाते में समय पर (प्रत्येक माह की 7 तारीख को) भेजा जाए। इसके अलावा पीएफ (PF) और ईएसआईसी (ESIC) जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ न मिलना भी कर्मचारियों के आक्रोश का बड़ा कारण बना हुआ है।

⚙️ कैसे काम करता है आउटसोर्स सिस्टम?

स्वास्थ्य विभाग में हाउसकीपिंग, सुरक्षा गार्ड और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कार्यों के लिए सरकार टेंडर के जरिए निजी एजेंसियों (वेंडर) को जिम्मेदारी सौंपती है। नियमानुसार, विभाग एजेंसी को भुगतान करता है और एजेंसी का कर्तव्य है कि वह निर्धारित मापदंडों के अनुसार कर्मचारियों को समय पर वेतन वितरित करे। छिंदवाड़ा मामले में एजेंसी की इसी जिम्मेदारी में कोताही के कारण पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है।