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TMC Leader Sumit Roy: अभिषेक बनर्जी के करीबी सुमित राय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी; जमीन घोटाले में बढ़ी मुश्किलें

पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी के परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित राय के खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, खुद अभिषेक बनर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए।

🔍 सुमित राय की तलाश में छापेमारी

जांचकर्ताओं के अनुसार, सुमित राय लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनका पता भी नहीं चल पा रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई दिनों की तलाश के बावजूद आरोपी का सुराग न मिलने पर कोर्ट से वारंट का अनुरोध किया गया था। सुमित का नाम पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा से पूछताछ के दौरान सामने आया था। साल्बोनी थाने की टीम ने उनकी लोकेशन के आधार पर कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास और हुगली में सुमित के ससुराल में भी छापेमारी की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। फिलहाल सुमित ने कलकत्ता हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है।

🏫 शिक्षक भर्ती घोटाला: ईडी के घेरे में अभिषेक

एक तरफ सहयोगी की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, वहीं दूसरी तरफ अभिषेक बनर्जी शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं के मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ही सीआईडी की टीम ने उनसे जाली हस्ताक्षरों के एक अन्य मामले में पूछताछ की थी।

📊 राजनीतिक घटनाक्रम का असर

एक के बाद एक सामने आ रहे ये कानूनी घटनाक्रम ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अब उन नेटवर्क को खंगालने में लगी हैं जिनसे टीएमसी के नेताओं का सीधा संबंध जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कानूनी कार्रवाई का यह दौर पश्चिम बंगाल की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।