Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर हंगामा: छात्रों ने तोड़े बैरिकेड्स, सीएम आवास घेराव... रायपुर में रक्षाबंधन की भीड़ से पहले जेवर चुराने वाली 2 शातिर महिलाएं गिरफ्तार: ₹12 लाख के सोने-चांद... खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार बीजापुर में भारी बारिश से उफान पर चिंतावागु नदी: नगर सेना ने बोट से सुरक्षित पार कराई नदी, मरीजों को... कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में रातभर चट्टान पर फंसे रहे 3 दोस्त: 15 घंटे बाद SDRF ने बोट और रस्सी से क... शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अ... नवा रायपुर सेक्टर-12 में बनेगी 120 करोड़ की आवासीय परियोजना: 29 एकड़ में तैयार होंगे 348 HIG और MIG ... रायपुर में ई-बसों के नए रूट पर फैसला: स्कूल-अस्पताल भी जुड़ेंगे; PMAY आवासों के लिए 30 सितंबर की डेड... छत्तीसगढ़ में ड्रॉपआउट बच्चों के लिए 'लइका चिन्हारी' ऐप: घर-घर डिजिटल सर्वे से स्कूलों में दोबारा मि...

जिनेवा में जी 7 विरोधी प्रदर्शन का माहौल अचानक बदल गया

उत्सव जैसा विरोध अचानक हिंसक हो उठा

एजेंसियां

जिनेवाः जिनेवा में रविवार को आयोजित जी-7 विरोधी प्रदर्शन की शुरुआत बेहद शांतिपूर्ण और उत्सव के माहौल में हुई, लेकिन देखते ही देखते यह एक गंभीर हिंसक टकराव में तब्दील हो गया। लेक जिनेवा के तट पर स्थित एक पार्क में हजारों प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए थे, जो संगीत, नृत्य और नारों के माध्यम से फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के प्रति अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। नो-जी-7 गठबंधन द्वारा बुलाई गई इस रैली में करीब 20,000 लोगों की भागीदारी ने एक बड़ा जन-समर्थन तो दिखाया, लेकिन जल्द ही यह आयोजन अराजकता की भेंट चढ़ गया।

स्थिति तब बिगड़ी जब प्रदर्शन के बीचों-बीच शामिल हुए लगभग 600 नकाबपोश और काले कपड़ों में लैस प्रदर्शनकारी, जिन्हें ब्लैक ब्लॉक के नाम से जाना जाता है, ने हिंसा का सहारा लेना शुरू कर दिया। इस कट्टरपंथी समूह की सक्रियता के साथ ही माहौल पूरी तरह से बदल गया; एक टेस्ला कार को आग के हवाले कर दिया गया

और प्राइसवाटरहाउस कूपर्स तथा संयुक्त राष्ट्र की दूरसंचार एजेंसी जैसी प्रतिष्ठित इमारतों को निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने खिड़कियों के कांच तोड़े, सुरक्षा उपकरणों को नष्ट किया और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारी गलियों में छिपने को मजबूर हुए।

यह हिंसा का सिलसिला यहीं नहीं थमा। दिन ढलने तक प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक परिवहन को भी निशाना बनाया, जिसमें ट्राम स्टॉप्स को तोड़ दिया गया और सड़कों के बीचों-बीच रखे कूड़ेदानों में आग लगा दी गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने घेराबंदी कर प्रदर्शनकारियों को उसी पार्क में रोक दिया जहां से प्रदर्शन शुरू हुआ था।

प्रशासन ने पुष्टि की कि कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। प्रदर्शन के समापन पर आयोजकों ने इसे एकजुटता का संदेश बताया, लेकिन वास्तविक धरातल पर हुई तोड़फोड़ ने अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों के दौरान होने वाले विरोध-प्रदर्शनों की संवेदनशीलता और सुरक्षा की जटिल चुनौतियों को एक बार फिर दुनिया के सामने ला खड़ा किया है।