MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर घमासान; कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया ‘सीट डकैती’ का आरोप
भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा द्वारा की गई ‘सीट डकैती’ और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग बताया है। इस मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस विधायक प्रदेशव्यापी भूख हड़ताल पर बैठने की तैयारी कर रहे हैं।
⚔️ कांग्रेस का ‘तानाशाही’ के खिलाफ संघर्ष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नामांकन रद्द करने का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है। हम इस तानाशाही के खिलाफ हर स्तर पर लड़ेंगे।” पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी इसे असंवैधानिक करार दिया है। वहीं, दिल्ली में जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल और सचिन पायलट जैसे दिग्गज नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दिया।
⚖️ कानूनी और संवैधानिक सवाल
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि बीजेपी का तीसरा उम्मीदवार उतारना ही लोकतंत्र को कुचलने की राजनीति है। कांग्रेस के वकील अजय गुप्ता ने इसे ‘गुंडागर्दी वाला आदेश’ बताया है। उनका तर्क है कि एक पुराने मामले की जानकारी जो नोटिस के रूप में थी, वह आपराधिक श्रेणी में नहीं आती है और इसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी।
🗣️ सीएम मोहन यादव का पलटवार
नामांकन खारिज होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार ने जानबूझकर निर्वाचन अधिकारी को भ्रम में रखा और अपने आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पाप है और कानून के सामने सबको स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।”
🛑 चुनाव आयोग पर उठ रहे सवाल
कांग्रेस नेताओं, विशेषकर विधायक हरीश चौधरी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या चुनाव आयोग का अस्तित्व अब बचा भी है? आयोग ने इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उनसे मुलाकात करने की कोशिश कर रहा है।