Rajouri Encounter: राजौरी में ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ के दौरान सेना के लेफ्टिनेंट शहीद; तलाशी अभियान में हुए हादसे का शिकार
राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद-रोधी अभियान (Anti-Terror Operation) के दौरान सेना के एक लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी ने देश की सेवा में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। डोरिमाल और गंभीर मुगलान बेल्ट में चल रहे ‘ऑपरेशन शेरुवाली’ के दौरान एक दुर्गम पहाड़ी इलाके में पैर फिसलने से अधिकारी 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। साथी जवानों द्वारा किए गए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
🕵️♂️ ऑपरेशन शेरुवाली: 15 दिनों से आतंकियों के खिलाफ छिड़ी है जंग
यह सर्च ऑपरेशन पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है। सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि 2 से 3 पाकिस्तानी आतंकवादी राजौरी के घने जंगलों में छिपे हुए हैं। इसी इनपुट के आधार पर सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स संयुक्त रूप से इस अभियान को अंजाम दे रही है। शहीद अधिकारी इसी महत्वपूर्ण ऑपरेशन का हिस्सा थे। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बल आतंकियों के हर ठिकाने को खंगालने में जुटे हैं।
🫡 अंतिम श्रद्धांजलि: जम्मू में होगा सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर सुरक्षित निकाल लिया गया है। जम्मू में आज एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, साथी सैनिक और परिवार के सदस्य शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। फिलहाल आधिकारिक तौर पर अधिकारी की पहचान और अन्य विवरणों की पुष्टि की प्रतीक्षा है।
🔍 कड़ी निगरानी: ड्रोन और तकनीक से आतंकियों पर रखी जा रही नज़र
राजौरी के जंगलों को आतंकवाद मुक्त करने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति और तेज कर दी है। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए ड्रोन और अत्याधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा बलों का संकल्प है कि जब तक पूरे इलाके को आतंकियों से पूरी तरह मुक्त नहीं कर लिया जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।