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Maharashtra News: महाराष्ट्र में गौ तस्करी करने वालों पर लगेगा ‘मकोका’; गृह विभाग ने जारी किए बेहद सख्त आदेश

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर सक्रिय गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन और गैरकानूनी रूप से संचालित हो रहे बूचड़खानों (स्लॉटर हाउस) की रीढ़ तोड़ने के लिए अब तक का सबसे सख्त और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय और गृह विभाग (Home Department) की ओर से जारी किए गए नए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि राज्य में संगठित तरीके से गौ तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों, सिंडिकेट और रैकेट के खिलाफ अब सामान्य धाराओं के बजाय सीधे ‘महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून’ यानी मकोका (MCOCA) के तहत केस दर्ज कर उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। सरकार के इस कड़े रुख से तस्करों में हड़कंप मच गया है।

🏢 अवैध बूचड़खानों पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश: नगर पालिकाओं, नगर निगमों और ग्राम पंचायतों की तय होगी जवाबदेही

राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र की सभी महानगर पालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों को अपने-अपने रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे संदिग्ध और अवैध बूचड़खानों की औचक जांच कर उन पर तुरंत बुलडोजर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करने की अंतिम और वैधानिक जिम्मेदारी भी पूरी तरह से स्थानीय नागरिक प्रशासन को सौंपी गई है कि उनके प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र के भीतर कहीं भी गुपचुप तरीके से या बिना लाइसेंस के गैरकानूनी बूचड़खाने संचालित न होने पाएं। लापरवाही मिलने पर स्थानीय अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।

🚚 गोवंश ले जाने वाले वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक्शन: नोडल अधिकारियों के मोबाइल नंबर किए जाएंगे सार्वजनिक

गृह विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अवैध रूप से और क्रूरतापूर्वक गोवंश को ठूस-ठूस कर ले जाने वाले संदिग्ध वाहनों और कंटेनरों के खिलाफ मोटर वाहन कानून (Motor Vehicle Act) के तहत परमिट रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने की कड़ी कार्रवाई करने के आदेश परिवहन विभाग को दिए गए हैं। इसके अलावा, पूरे राज्य में बेहतर समन्वय के लिए पुलिस विभाग, पशु संवर्धन विभाग (Animal Husbandry) और परिवहन विभाग में अलग-अलग विंग बनाकर विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पारदर्शी व्यवस्था के लिए इन सभी नोडल अधिकारियों के नाम और सीधे संपर्क नंबर आम जनता के लिए बहुत जल्द सार्वजनिक (पब्लिक) किए जाएंगे ताकि लोग तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें।

🛑 राज्य के सीमावर्ती जिलों में बनाई जाएंगी संयुक्त जांच चौकियां: गौ तस्करी के संभावित मुख्य रास्तों पर रहेगी विशेष निगरानी

महाराष्ट्र की भौगोलिक सीमाओं को सुरक्षित करने और पड़ोसी राज्यों से होने वाली तस्करी को पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए सीमावर्ती जिलों में हाई-टेक संयुक्त जांच चौकियां (Joint Checkposts) स्थापित की जाएंगी। इन चौकियों पर पुलिस, परिवहन विभाग, पशु संवर्धन विभाग और स्थानीय राजस्व प्रशासन की संयुक्त टीमें 24 घंटे तैनात रहकर नियमित सघन जांच अभियान चलाएंगी। गृह विभाग ने खुफिया इनपुट्स के आधार पर गौ तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी संभावित कच्चे और मुख्य रास्तों की मैपिंग कर उन पर ड्रोन कैमरों और नाइट विजन कैमरों के जरिए विशेष निगरानी रखने के भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।

📞 हेल्पलाइन नंबर 112 पर शिकायत मिलते ही तुरंत दौड़ेगी पुलिस: विभिन्न संगठनों की मांग पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला

सरकार ने नियंत्रण कक्ष को अपग्रेड करते हुए यह साफ कर दिया है कि आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन या गैरकानूनी बूचड़खानों के संचालन के संबंध में कोई भी गोपनीय शिकायत या लाइव इनपुट मिलते ही संबंधित जिले की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी। इस पूरे राज्यव्यापी महा-अभियान की दैनिक निगरानी और जमीनी स्तर पर प्रभावी अमल की जिम्मेदारी सीधे तौर पर जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) और शहर के पुलिस आयुक्तों (CP) को सौंपी गई है। दरअसल, राज्य सरकार को लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और गौरक्षक संगठनों की ओर से गायों की तस्करी और अनधिकृत बूचड़खानों के संचालन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग वाले कई ज्ञापन प्राप्त हुए थे, जिसके बाद यह जनहितैषी निर्णय लिया गया है।

⚖️ क्या कहता है भारत का कानून: संविधान का अनुच्छेद 48 दुधारू पशुओं और गोवंश के संरक्षण की देता है शक्ति

इस कड़े सरकारी प्रस्ताव और गजट नोटिफिकेशन में कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह कानून बेहद जरूरी था। भारत के संविधान के अनुच्छेद 48 (Article 48 of the Constitution of India) के तहत राज्य सरकारों से यह संवैधानिक अपेक्षा की जाती है कि वे गायों, बछड़ों तथा अन्य दुधारू और कृषि कार्य में उपयोगी पशुओं की नस्लों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाएं। साथ ही, विशेष रूप से गायों और बछड़ों के अवैध वध पर पूर्ण रूप से रोक लगाने हेतु आवश्यक दंडात्मक कानून और व्यवस्थाएं धरातल पर लागू करें, जिसका पालन करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।