गृहयुद्ध से पीड़ित सूडान से वही दुखद समाचार जारी हुए
एजेंसियां
काहिराः सूडान के मध्य क्षेत्र में मंगलवार को एक व्यस्त बाजार को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। एक स्थानीय मानवाधिकार समूह ने यह जानकारी दी है। यह हमला उस विनाशकारी युद्ध का हिस्सा है जो 2023 से इस देश को लगातार खोखला कर रहा है।
सूडान संघर्ष के दौरान होने वाले मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर रखने वाले स्थानीय संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वेस्ट कोरडोफन प्रांत के घुबैश शहर के एक बाजार को मंगलवार सुबह उस समय निशाना बनाया गया, जब वहां नागरिकों की भारी भीड़ मौजूद थी। मानवाधिकार समूह ने इस घातक हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। गौरतलब है कि वेस्ट कोरडोफन प्रांत पर वर्तमान में अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज का नियंत्रण है।
सूडानी सेना के एक अधिकारी ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि सेना नागरिकों या नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाती है। एक अन्य सैन्य सूत्र ने मानवाधिकार समूह के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सेना के एक ड्रोन ने बाजार के पास ईंधन भर रहे आरएसएफ के दो लड़ाकू वाहनों को निशाना बनाया था।
सेना के मुताबिक, इस हमले में वे वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए और उनके भीतर मौजूद लड़ाके मारे गए, जबकि किसी भी नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सैन्य सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि वे मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं थे। इस घटना पर आरएसएफ की ओर से फिलहाल कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई है।
इमरजेंसी लॉयर्स के अनुसार, वेस्ट कोरडोफन और उसके आस-पास के इलाकों के हजारों लोग भोजन और आवश्यक आपूर्ति के लिए इसी घुबैश बाजार पर निर्भर हैं, जिससे इस हमले के बाद मानवीय संकट और गहरा गया है। अप्रैल 2023 में सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच शुरू हुए इस पूर्ण पैमाने के गृहयुद्ध ने अब तक कम से कम 59,000 लोगों की जान ले ली है, लगभग 1.3 करोड़ लोगों को विस्थापित किया है और देश के कई हिस्सों को अकाल (भूखमरी) के मुहाने पर धकेल दिया है।
सूडान के इस खूनी संघर्ष में ड्रोन युद्ध नागरिकों के लिए सबसे घातक खतरा बनकर उभरा है। सेना और आरएसएफ दोनों को ही मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के कई देशों द्वारा उन्नत ड्रोन की आपूर्ति की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हाल ही में सूडान में ड्रोन के हस्तांतरण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, केवल जनवरी और अप्रैल के बीच ही ड्रोनों ने कम से कम 880 नागरिकों की जान ली है।