रायबरेली के उदघाटन समारोह में आये नेता प्रतिपक्ष की चेतावनी
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गरीब और मध्यम वर्ग पर कहर टूटेगा
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अदानी और अंबानी का कुछ नहीं बिगड़ेगा
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पेट्रोल के दाम अभी और बढ़ाये जाएंगे
राष्ट्रीय खबर
लखनऊ: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार (19 मई) को देश में एक बड़े आर्थिक तूफान के आने की चेतावनी दी है। अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के बछरावां में एक विवाह घर (बारात घर) के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी देश की जनता से तो विदेश न जाने की अपील करते हैं, लेकिन खुद तुरंत नॉर्वे के दौरे पर निकल जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब तक मौजूदा सरकार नहीं बदली जाएगी, तब तक महंगाई इसी तरह बढ़ती रहेगी।
वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध छिड़ गया है। इस संघर्ष के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लिया है, जो एक बेहद रणनीतिक जलमार्ग है और जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल की आपूर्ति पाता है। ईरान ने घोषणा की है कि वह इस पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करेगा। इसके परिणामस्वरूप अब पूरी दुनिया को तेल, उर्वरक (खाद) और डीजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नागरिकों से अपील करते हैं कि वे सोना न खरीदें, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें और विदेश यात्राओं से बचें, लेकिन ठीक इसके बाद वे खुद विदेशी दौरों पर चले जाते हैं।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, सबसे दुखद बात यह है कि एक गंभीर आर्थिक तूफान आ रहा है, जिसे कोई रोक नहीं सकता और जिसका अनुभव हमने अपने जीवन में पहले कभी नहीं किया है। लेकिन इस तूफान से बड़े उद्योगपतियों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इससे अंबानी या अदानी को चोट नहीं पहुंचेगी। वे चारों तरफ से सुरक्षित अपने महलों में रहेंगे। इसकी सीधी मार भारत के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और उन लघु उद्योगों पर पड़ेगी जो वास्तव में देश में रोजगार पैदा करते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में पेट्रोल की कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई आसमान छुएगी। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, वे कहते हैं कि राहुल गांधी को कोई समझ नहीं है। लेकिन आज भी हम उनसे कह रहे हैं कि ठोस कदम उठाइए, जनता और किसानों की रक्षा कीजिए। मगर केंद्र सरकार को इससे कोई सरोकार नहीं है।