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नीट पेपर लीक जांच में नया सुराग मिला

फोन पर पूछा गया अब तक पेमेंट क्यों नहीं भेजा गया

  • अमित मीना से पूछताछ चल रही थी

  • उसके मोबाइल पर ही आया था फोन

  • सामने वाले की पहचान ऋषि हुई है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के हाथ एक बड़ी और बेहद अहम कामयाबी लगी है। सीबीआई द्वारा हिरासत में लिए गए छात्र अमित मीना से की जा रही पूछताछ के दौरान आए एक अचानक फोन कॉल ने जांच अधिकारियों के सामने पूरे घोटाले का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह फोन कॉल इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच को शुरुआत में राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह द्वारा संभाला जा रहा था, जिसके बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पेपर लीक गिरोह का जाल केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और केरल सहित देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। इस अंतर-राज्यीय रैकेट में कथित तौर पर एमबीबीएस छात्र, दलाल (मिडलमैन), नामचीन कोचिंग संचालक और प्रश्नपत्र लीक करने वाले सप्लायर शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी जब आरोपी छात्र अमित मीना से गहन पूछताछ कर रही थी, ठीक उसी समय उसके मोबाइल फोन पर ऋषि नाम के एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। चूंकि अमित पहले से ही जांच एजेंसी की निगरानी में था, अधिकारियों ने इस कॉल को ट्रेस किया।  बातचीत के दौरान फोन करने वाले ऋषि ने कड़े लहजे में अमित से लंबित पैसों के बारे में पूछताछ करते हुए कहा, अजून पैशांचे पेमेंट का झाले नाही? (अभी तक पैसों का भुगतान क्यों नहीं किया गया है?)। इतना ही नहीं, जांचकर्ताओं का दावा है कि कॉलर ने अमित को आगे का लालच देते हुए यह भी कहा, मैं तुम्हें साल 2027 की परीक्षा में इससे भी ज्यादा पैसे कमाने में मदद करूंगा। इस एक कॉल ने यह साफ कर दिया कि यह गिरोह केवल इस साल की परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि भविष्य के लिए भी बड़ी प्लानिंग कर रहा था।

सीबीआई की कड़ाई से हुई पूछताछ के बाद अमित मीना ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने नीट का यह लीक प्रश्नपत्र 5 लाख रुपये में खरीदा था, जिसके बाद उसने इसे आगे अन्य छात्रों और दलालों को मोटी रकम में बेच दिया। अमित ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी ऋषि ने पहले यह शेखी बघारी थी कि उसके परिवार के पांच सदस्य इसी तरह पिछले साल नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, और साल 2026 की परीक्षा को लीक करने की पूरी साजिश एक महीने पहले ही रच ली गई थी।