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Sukma News: नक्सलगढ़ मोरपल्ली में पहली बार पहुंची CRPF, सिविक एक्शन प्रोग्राम से जगी विकास की उम्मीद

सुकमा: कभी नक्सलियों की बंदूक और बारूदी सुरंगों की दहशत से कांपने वाला मोरपल्ली गांव अब बदलाव की नई कहानी लिखने की कोशिश कर रहा है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का सिविक एक्शन प्रोग्राम पहुंचा, तो ग्रामीणों की आंखों में वर्षों बाद उम्मीद की चमक दिखाई दी। यहाँ पहुंचकर जवानों ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की न सिर्फ समस्याएं सुनीं, बल्कि सहायता के साथ जरूरी सामान पहुँचाने की भी कोशिश की।

⛈️ दुर्गम रास्ता और नक्सलवाद का साया: बरसात में संपर्क कटना है बड़ी चुनौती

13 किलोमीटर भीतर जंगलों के बीच स्थित मोरपल्ली तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए न कोई पक्की सड़क है और न ही परिवहन की कोई सुविधा। बरसात के दिनों में यहाँ पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। यही वजह रही कि वर्षों तक यह गांव नक्सल प्रभाव के कारण देश-दुनिया से कटा रहा। पहले कई बार जवानों को यहाँ बारूदी सुरंगों और घात लगाकर किए गए हमलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब सुरक्षा बलों की सक्रियता से हालात बदल रहे हैं।

🎁 सिविक एक्शन प्रोग्राम: ग्रामीणों को मिले सोलर लाइट, मच्छरदानी और खेल सामग्री

14 मई 2026 को सीआरपीएफ की 74वीं वाहिनी के जवान कमांडेंट हिमांशु पाण्डे के निर्देश पर गांव पहुंचे। सहायक कमांडेंट सुमन सोरम और इंस्पेक्टर अमोल खलको की मौजूदगी में 200 से अधिक ग्रामीणों को जरूरत का सामान वितरित किया गया। महिलाओं को साड़ी, पुरुषों को लुंगी और परिवारों को बर्तन, चप्पल, छाता, मच्छरदानी व सोलर लाइट दी गई। बच्चों के चेहरे उस समय खिल उठे जब उन्हें क्रिकेट किट, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलकूद के सामान मिले।

🏥 बुनियादी सुविधाओं की पुकार: ग्रामीणों ने सड़क, बिजली और स्कूल की मांग रखी

कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग ग्रामीणों ने जवानों को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव में बिजली, सड़क और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। बीमार पड़ने पर या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने गांव में सड़क निर्माण और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल जैसी मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता से पूरा करने की मांग रखी।

🤝 शांति और विकास का संकल्प: नक्सलवाद छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा

कई ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि नक्सलवाद ने उनकी एक पूरी पीढ़ी को विकास से दूर कर दिया। अब मोरपल्ली के लोग डर और हिंसा के साये से बाहर निकलकर सामान्य जिंदगी जीना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और विकास कार्यों में पुलिस व सीआरपीएफ का सहयोग करने का भरोसा दिया। सहायक कमांडेंट सुमन सोरम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा बल केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि गांवों तक विश्वास और विकास पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।