Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
लापरवाही की हद! मुरैना में नाबालिग लगा रहा था झाड़ू, कर्मचारी फोन पर था व्यस्त; वायरल हुआ वीडियो शादी वाले दिन दुल्हन के साथ हो गया खेला! हल्दी लगाते ही सूजे होंठ, मंडप की जगह जाना पड़ा अस्पताल रोंगटे खड़े कर देगी इस मासूम की बहादुरी! 7 मिनट तक तेंदुए का जबड़ा पकड़े मौत से लड़ता रहा बच्चा पुलिसकर्मियों के शौर्य का सम्मान: नक्सलवाद पर लगाम कसने वाले 101 जवानों को मिला प्रतिष्ठित केएफ रूस्... खौफनाक! घंटों फोन पर बात करती थी बीवी, चिढ़े पति ने मौत के घाट उतारकर फैलाई सुसाइड की अफवाह Viral News: जिंदा शख्स ने छपवाया अपनी 'तेरहवीं' का कार्ड, देहदान के फैसले का मजाक उड़ाने पर किया मृत... India vs Afghanistan Test Squad: यशस्वी, गिल और पंत को मिलेगा मौका? जानें अफगानिस्तान के खिलाफ कैसी ... TV Actress Avika Gor: शादी के कुछ महीनों बाद ही अविका गौर ने छोड़ा देश, पति के साथ बैंकॉक शिफ्ट होने... Balen Shah vs India: बालेन शाह का भारत विरोधी रुख? नेपाल का पीएम बनते ही 45 दिनों में लिए ये कड़े फै... Most Expensive Tea: 1 किलो चाय की कीमत 9 करोड़ रुपये, लग्जरी कारों से भी महंगी इस चाय की खासियत जानि...

Toll Tax Rules: देश में खत्म होंगे टोल बैरियर, हाईवे पर 120 की स्पीड में कटेगा टैक्स; गुजरात से शुरुआत

देशभर में जल्द ही टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और बैरियर सिस्टम से लोगों को राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर नई मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके तहत वाहन बिना रुके हाईवे से गुजर सकेंगे और टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है.

वर्तमान में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,087 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं, जिनका प्रबंधन NHAI द्वारा किया जाता है. यह नेटवर्क करीब 1.5 लाख किलोमीटर से अधिक लंबाई वाले हाईवे को कवर करता है.

इन राज्यों में है सबसे अधिक टोल प्लाजा

राजस्थान में 156, उत्तर प्रदेश में 97, मध्य प्रदेश में 90 और महाराष्ट्र 89 में सबसे अधिक टोल प्लाजा हैं. नई तकनीक के तहत 2026 तक, सरकार सभी टोल प्लाजा पर एआई-आधारित (GNSS) सिस्टम लागू कर रही है, जिससे 80 किमी/घंटा की गति से बिना रुके गाड़ियां गुजर सकें.

कैसे काम करेगी नई तकनीक?

नई एमएलएफएफ प्रणाली पूरी तरह तकनीक आधारित होगी. इसमें RFID आधारित FASTag और एआई से लैस ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. हाईवे पर लेन के ऊपर लगाए गए गैन्ट्री सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन करेंगे. इसके बाद वाहन मालिक के खाते से कुछ ही सेकेंड में टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. इस प्रक्रिया में वाहन को कहीं रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

ये होगा नई टोल तकनीक से फायदा?

सरकार का दावा है कि इस नई तकनीक से टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ खत्म होगी, यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी. इसके अलावा हाईवे पर ट्रैफिक नहीं होगा और टोल वसूली अधिक पारदर्शी व सटीक बनेगी. नई प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहन भी बिना रुके टोल पार कर सकेंगे.

कहां-कहां शुरू की जा रही नई व्यवस्था?

देश में इस नई व्यवस्था की शुरुआत गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा से की जा रही है, जिसे देश का पहला बाधा-रहित टोल प्लाजा बनाया जा रहा है. इसके अलावा, हरियाणा के घरौंदा टोल शुल्क में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है.

NHAI चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 25 राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक देश के हाईवे सफर को पूरी तरह बदल देगी और टोल सिस्टम को अधिक आधुनिक एवं तेज बनाएगी.