Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ranchi AISA Protest: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA... Jharkhand Teacher ACP MACP News: झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP और MACP का लाभ, हेम... Jharkhand Teacher Association Protest: ACP-MACP न मिलने पर भड़के झारखंड के प्राथमिक शिक्षक, सुप्रीम ... MP Bureaucracy Transfer List: एमपी में 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले; भास्कर लाक्षाकार बने इंदौर कमि... MP News Student Fast Track Court: सीएम मोहन यादव के ऐलान के बाद एक्शन में हाईकोर्ट; छात्रों के मामलो... Bhopal Temple Theft Gang Arrested: भोपाल देहात पुलिस का बड़ा खुलासा! मंदिरों में चोरी करने वाले 5 शा... Indore Crime News: जीतू पटवारी के भाइयों पर शिकंजा! नाना के बाद अब भरत पटवारी से 5 घंटे पूछताछ, रियल... Shahdol School Viral Video: शहडोल के सरकारी स्कूल में बच्चों से कचरा साफ कराने का वीडियो वायरल, बहस ... Katni News Update: उज्जैन सिंहस्थ से मुरादाबाद तक कटनी स्टोन का डंका! लमतरा व निमास मार्बल खदानों का... Morena Bagchini News: मुरैना के नंद गंगोली में सनसनी! चार बच्चों की मां और अविवाहित प्रेमी का खेत मे...

Toll Tax Rules: देश में खत्म होंगे टोल बैरियर, हाईवे पर 120 की स्पीड में कटेगा टैक्स; गुजरात से शुरुआत

देशभर में जल्द ही टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और बैरियर सिस्टम से लोगों को राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर नई मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके तहत वाहन बिना रुके हाईवे से गुजर सकेंगे और टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है.

वर्तमान में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,087 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं, जिनका प्रबंधन NHAI द्वारा किया जाता है. यह नेटवर्क करीब 1.5 लाख किलोमीटर से अधिक लंबाई वाले हाईवे को कवर करता है.

इन राज्यों में है सबसे अधिक टोल प्लाजा

राजस्थान में 156, उत्तर प्रदेश में 97, मध्य प्रदेश में 90 और महाराष्ट्र 89 में सबसे अधिक टोल प्लाजा हैं. नई तकनीक के तहत 2026 तक, सरकार सभी टोल प्लाजा पर एआई-आधारित (GNSS) सिस्टम लागू कर रही है, जिससे 80 किमी/घंटा की गति से बिना रुके गाड़ियां गुजर सकें.

कैसे काम करेगी नई तकनीक?

नई एमएलएफएफ प्रणाली पूरी तरह तकनीक आधारित होगी. इसमें RFID आधारित FASTag और एआई से लैस ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. हाईवे पर लेन के ऊपर लगाए गए गैन्ट्री सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन करेंगे. इसके बाद वाहन मालिक के खाते से कुछ ही सेकेंड में टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. इस प्रक्रिया में वाहन को कहीं रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

ये होगा नई टोल तकनीक से फायदा?

सरकार का दावा है कि इस नई तकनीक से टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ खत्म होगी, यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी. इसके अलावा हाईवे पर ट्रैफिक नहीं होगा और टोल वसूली अधिक पारदर्शी व सटीक बनेगी. नई प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहन भी बिना रुके टोल पार कर सकेंगे.

कहां-कहां शुरू की जा रही नई व्यवस्था?

देश में इस नई व्यवस्था की शुरुआत गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा से की जा रही है, जिसे देश का पहला बाधा-रहित टोल प्लाजा बनाया जा रहा है. इसके अलावा, हरियाणा के घरौंदा टोल शुल्क में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है.

NHAI चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 25 राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक देश के हाईवे सफर को पूरी तरह बदल देगी और टोल सिस्टम को अधिक आधुनिक एवं तेज बनाएगी.