ग्वालियर। ग्वालियर के पाश इलाके सिटी सेंटर में क्राइम ब्रांच की टीम ने साइबर ठगी के इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कैलाश विहार स्थित होटल एचजी में म्यूल खातों के जरिये साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने वाले चार शातिर एजेंट रुके हुए थे। यहां से इन्हें पकड़ा गया है। इन चारों एजेंट के तार पाकिस्तान में बैठे सरगना से जुड़े हैं। पाकिस्तान से ही यह पूरा नेटवर्क आपरेट हो रहा है। चारों एजेंटों से क्राइम ब्रांच की टीम बारीकी से पूछताछ कर रही है।
म्यूल खातों के खिलाफ मप्र में चल रहा है बड़ा आपरेशन
म्यूल खातों के खिलाफ पूरे मध्यप्रदेश में बड़ा आपरेशन चल रहा है। इसी क्रम में एसएसपी धर्मवीर सिंह ने क्राइम ब्रांच की टीम को टास्क दिया था। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि कैलाश विहार स्थित होटल के एक कमरे में चार एजेंट रुके हुए हैं। यह होटल के कमरे से ही साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क आपरेट कर रहे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे होटल के कमरे में दबिश दी। यहां चारों एजेंट पकड़े गए।
एक आरोपित राजस्थान के धौलपुर, एक मुरैना और दो ग्वालियर के रहने वाले हैं। इनके पास से सैंकड़ों एटीएम कार्ड, पासबुक, और अन्य खातों की जानकारी मिली है। जब इनका मोबाइल क्राइम ब्रांच की टीम ने खंगाला तो टीम भी चौंक गई। इसमें पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबर से ही म्यूल खातों का नेटवर्क आपरेट हो रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम इनसे पूछताछ कर रही है।
पाकिस्तान में बैठा सरगना…बड़े भैया के नाम से नंबर: इन चारों को पाकिस्तान के नंबर से आने वाले काल से ही सारे निर्देश मिलते थे। यह नंबर बड़े भैया के नाम से इनके मोबाइल में सेव है।
कैसे करते थे रुपये की हेराफेरी: म्यूल खातों में जो ठगी की रकम आती थी, उसकी जानकारी बड़े भैया नाम से सेव नंबर से सूचना आती थी। कितनी रकम आएगी, कब निकालनी है। यह सब वहीं से निर्देश मिलते थे। इसके बाद यह पैसा खुद एटीएम बूथ से जाकर निकाल लेते थे। फिर दूसरे एजेंट को देते थे। इसके बाद यह पैसा क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये विदेश पहुंच जाता था।
एससपी धर्मवीर सिंह ने कहा… होटल में दबिश देकर चार एजेंट पकड़े हैं। म्यूल खातों का इंटरनेशनल नेटवर्क पकड़ा गया है। आरोपितों से पूछताछ जारी है।