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उत्तर कोरियाई नेता किम ने नये हथियारों का निरीक्षण किया

अब सिओल तक मार करने वाली तोप भी तैयार

एजेंसियां

सिओलः उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने हाल ही में देश की सैन्य क्षमताओं को और अधिक धार देने के उद्देश्य से एक उच्च-स्तरीय रक्षा उत्पादन इकाई का दौरा किया। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, किम ने विशेष रूप से उन नई तोपों के उत्पादन संयंत्र का निरीक्षण किया, जिनकी मारक क्षमता 60 किलोमीटर (लगभग 37 मील) से भी अधिक है। इन हथियारों को सीधे दक्षिण कोरियाई सीमा पर तैनात करने की योजना है, जो उत्तर कोरिया की रणनीतिक बढ़त को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

इन नई तोपों की सबसे चिंताजनक विशेषता इनकी लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन्हें सीमा पर तैनात किया जाता है, तो दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और उसके आसपास के घने आबादी वाले इलाके सीधे उत्तर कोरियाई तोपखाने की जद में आ जाएंगे। सियोल, जो सीमा से मात्र 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, के लिए यह एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है।

निरीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने नई 155-एमएम स्व-चालित हॉवित्जर की मारक क्षमता पर विशेष संतोष व्यक्त किया। किम ने कहा कि इस तकनीक का विस्तार उत्तर कोरियाई सेना के जमीनी युद्ध अभियानों में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और भविष्य के संघर्षों में सेना को अभूतपूर्व लाभ प्रदान करेगा। यह हॉवित्जर न केवल अधिक दूरी तय कर सकता है, बल्कि इसकी गतिशीलता इसे युद्ध के मैदान में अधिक घातक बनाती है।

उत्तर कोरिया पिछले कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद अपनी रणनीतिक सैन्य शक्ति को बढ़ा रहा है। जहां एक ओर वह ऐसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास कर चुका है जो परमाणु हथियार ले जाने और अमेरिकी मुख्य भूमि को निशाना बनाने में सक्षम हैं, वहीं हाल के वर्षों में उसका ध्यान पारंपरिक हथियारों (जैसे तोप और टैंक) के आधुनिकीकरण पर भी गया है।

दक्षिण कोरियाई खुफिया अधिकारियों और सैन्य विशेषज्ञों का एक महत्वपूर्ण दावा यह भी है कि यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में उत्तर कोरिया द्वारा रूस को मिसाइलों और तोपों की जो भारी आपूर्ति की गई है, उससे प्योंगयांग को बड़ा फायदा हुआ है। युद्ध के वास्तविक मैदान में इन हथियारों के इस्तेमाल से उत्तर कोरिया को उनकी प्रभावशीलता, सटीकता और तकनीकी खामियों के बारे में रियल-टाइम डेटा प्राप्त हुआ है, जिसका उपयोग वह अब अपने घरेलू उत्पादन को बेहतर बनाने में कर रहा है।

अपनी थल सेना के साथ-साथ किम जोंग उन अपनी नौसेना को भी आधुनिक बनाने में जुटे हैं। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, किम ने हाल ही में परीक्षण किए जा रहे दो नए आधुनिक नौसैनिक विध्वंसक जहाजों में से एक की नेविगेशन और संचालन क्षमता का जायजा लिया। अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा और आक्रामक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने तत्काल दो और नए विध्वंसक जहाजों के निर्माण का सख्त आदेश भी दिया है। यह गतिविधियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि उत्तर कोरिया न केवल अपनी रक्षा प्रणाली मजबूत कर रहा है, बल्कि वह क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर निरंतर मनोवैज्ञानिक और सामरिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।