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Haryana High Court: दुष्यंत चौटाला मामले में हाईकोर्ट सख्त, हिसार SP की दलीलों पर उठाए सवाल; पुलिस की कार्यप्रणाली पर की टिप्पणी

चंडीगढ़: जेजेपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा हरियाणा पुलिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि बिना शिकायतकर्ता का पक्ष सुने जांच को कैसे पूरा मान लिया गया।

क्या है पूरा मामला?
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी या पुलिस तंत्र के कुछ हिस्से उनकी जासूसी कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों की गुप्त सूचनाएं जुटा रहे हैं। इस मामले में उन्होंने हिसार पुलिस और कुछ विशेष अधिकारियों की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया था।

हिसार SP की रिपोर्ट और कोर्ट की टिप्पणी
हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर दुष्यंत चौटाला के आरोपों को ‘निराधार और तथ्यों से परे’ बताया था। पुलिस का तर्क था कि आंतरिक जांच में जासूसी जैसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालाँकि, हाईकोर्ट इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ। जस्टिस ने पुलिस से पूछा जांच के दौरान क्या दुष्यंत चौटाला को बुलाया गया या उनका बयान दर्ज किया गया? जब मुख्य पक्ष (शिकायतकर्ता) का पक्ष ही नहीं जाना गया, तो जांच की रिपोर्ट ‘क्लीन चिट’ कैसे दे सकती है?

दुष्यंत चौटाला का दावा है कि उनके निजी दौरों और राजनीतिक मुलाकातों की निगरानी की जा रही है, जो उनकी निजता का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि पुलिस की ‘मिलीभगत’ सामने आ सके।