भोपाल क्राइम न्यूज़: IAS कोचिंग डायरेक्टर का अपहरण, पूर्व छात्र ने गन पॉइंट पर ऐंठे ₹1.89 करोड़; 6 आरोपी गिरफ्तार
Bhopal| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी कहानी जैसा आपराधिक मामला सामने आया है। यहाँ एक मशहूर IAS कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर को नई ब्रांच खोलने का झांसा देकर दिल्ली से भोपाल बुलाया गया, फिर उनका अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने उन्हें फ्लैट में बंधक बनाकर गन पॉइंट पर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि कोचिंग का ही एक पूर्व छात्र निकला। भोपाल क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात पर एक नज़र (Quick Facts)
| विवरण | जानकारी |
| पीड़िता | शुभ्रा रंजन (IAS कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर) |
| मुख्य आरोपी | प्रियंक शर्मा (पूर्व छात्र और भोपाल फ्रेंचाइजी संचालक) |
| लूटी गई रकम | 1 करोड़ 89 लाख रुपये (ऑनलाइन ट्रांसफर) |
| क्राइम सीन (जगह) | बागसेवनिया इलाके का एक फ्लैट, भोपाल |
| पुलिस कार्रवाई | 6 आरोपी गिरफ्तार, 2 अभी भी फरार |
कैसे रची गई अपहरण की खौफनाक साजिश?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात का मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा है। वह पीड़िता के ही कोचिंग संस्थान का पूर्व छात्र रह चुका है और भोपाल में इसी संस्थान की फ्रेंचाइजी भी चला रहा था।
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दिल्ली से भोपाल बुलाया: आरोपी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को भोपाल में कोचिंग की एक नई ब्रांच खोलने और एक बड़े सेमिनार का प्रस्ताव दिया।
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होटल से किया अगवा: इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए डायरेक्टर दिल्ली से भोपाल पहुंचीं। भोपाल पहुंचने के बाद आरोपियों ने उन्हें उनके होटल से पिक किया और सीधे बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले गए, जहां पहले से ही उसके अन्य साथी मौजूद थे।
गन पॉइंट पर 2 दिन तक बंधक, बनाया ब्लैकमेलिंग वीडियो
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हथियार का खौफ: बागसेवनिया के उस फ्लैट में डायरेक्टर को करीब दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया।
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1.89 करोड़ की रंगदारी: इस दौरान आरोपियों ने हथियारों के दम पर (Gun Point) उन्हें डराया-धमकाया और उनके बैंक खातों से 1.89 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
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वीडियो बनाकर दी धमकी: आरोपियों ने यहीं बस नहीं की, बल्कि उन्होंने पीड़िता का एक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया, जिसका इस्तेमाल वे भविष्य में ब्लैकमेलिंग के लिए करना चाहते थे।
पुलिस की कार्रवाई: बैंक खाते सीज, रकम होल्ड
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस सनसनीखेज मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को जैसे ही शिकायत मिली, क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक्शन लिया।
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पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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पीड़िता को बड़ी राहत: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों से संपर्क किया और आरोपियों द्वारा ट्रांसफर की गई 1.89 करोड़ की भारी-भरकम रकम को होल्ड (Freeze) करवा दिया है।
क्या है वारदात के पीछे की असल वजह?
प्रारंभिक पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी प्रियंक शर्मा और पीड़िता (डायरेक्टर) के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर आर्थिक लेन-देन का विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि इसी विवाद का बदला लेने और पैसे ऐंठने के लिए अपहरण की इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है।