MP Labor News: ‘श्रम अन्न योजना’ से मजदूरों को बड़ी राहत, पर स्थाई ठिकानों के अभाव में केंद्रों का संचालन मुश्किल
नारायणपुर: वीर शहीद नारायण सिंह के नाम पर नारायणपुर जिले में संचालित ‘श्रम अन्न योजना’ पिछले एक वर्ष से गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के लिए बड़ा सहारा बनी हुई है. मात्र 5 रुपए में मिलने वाला पौष्टिक भोजन सैकड़ों जरूरतमंदों की भूख मिटा रहा है, लेकिन स्थाई भवन के अभाव में इस जनहितकारी योजना के संचालन पर संकट गहराता नजर आ रहा है.
150 से ज्यादा मजदूरों को रोजाना भोजन
श्रम विभाग की देखरेख में संचालित ‘श्रम अन्न योजना’ का मुख्य उद्देश्य ऐसे मजदूरों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, जो दिनभर कड़ी मेहनत करते हैं और किसी कारणवश घर जाकर भोजन नहीं कर पाते. इस योजना के तहत प्रतिदिन 150 से अधिक मजदूरों को एक समय का शुद्ध और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
मात्र 5 रुपए में मिलता है ये सब
- दाल-चावल
- हरी सब्जी
- आचार
- पापड़
- गर्मी के मौसम में छाछ
- अन्य समय में रायता
आमतौर पर यही भोजन बाजार में 100 से 150 रुपए तक में मिलता है, लेकिन यहां हमें मात्र 5 रुपए में मिल जाता है, जो गरीब मजदूरों के लिए राहत है- प्रकाश पोटाई, मजदूर
मजदूरों का पंजीयन और कई योजनाओं का लाभ भी
मजदूरों का कहना है कि दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें सस्ता और पौष्टिक भोजन मिलना बड़ी राहत देता है. यह योजना स्थानीय विधायक और छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री केदार कश्यप की विशेष पहल से संचालित की जा रही है. योजना के तहत भोजन करने आने वाले मजदूरों का पंजीयन भी किया जाता है, ताकि उन्हें अन्य शासकीय योजनाओं से भी जोड़ा जा सके.
संचालन में आ रही दिक्कतें
योजना की सफलता के बावजूद इसके संचालन में सबसे बड़ी बाधा स्थाई भवन का अभाव है. पहले यह भोजनालय मजदूर संगठन के भवन में संचालित होता था, लेकिन आपत्ति के बाद इसे वहां से हटाना पड़ा, इसके बाद से लगातार स्थान बदलने की स्थिति बनी हुई है. जिसके चलते मजदूर सही जगह नहीं पता होने के चलते कई बार नहीं पहुंच पाते.
अभी हमें काम चलाने के लिए ये निर्माणाधीन बिल्डिंग दिए हैं, परमानेंट जगह के लिए सर लोग अपने स्तर पर बात कर रहे हैं. जगह परमानेंट मिलेगी तो खाना खाने मजदूर भी ज्यादा आएंगे. करण साहू, सुपर वाइजर, भोजनालय
निर्माणाधीन बिल्डिंग में व्यवस्था, यहां से भी जाना पड़ सकता है
वर्तमान में यह भोजन व्यवस्था निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय भवन में संचालित की जा रही है, जो मजदूर भवन के पास स्थित है. लेकिन भवन अधूरा होने के कारण सामग्री के भंडारण, रख-रखाव और भोजन निर्माण में कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं. संस्थान के सदस्यों का कहना है कि जैसे ही आयुष चिकित्सालय पूरी तरह तैयार होकर शुरू होगा तो यहां से भी भोजनालय को फिर स्थान बदलना पड़ेगा, जिससे योजना के संचालन में और अधिक अस्थिरता आ सकती है.
प्रशासन का पक्ष
मामले पर जिला श्रम अधिकारी अजय खांडे ने बताया कि ‘श्रम अन्न योजना’ के तहत 5 रुपए में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और मजदूरों का नियमित पंजीयन भी किया जाता है, जिससे उन्हें अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके. स्थाई भवन को लेकर भी प्रक्रिया जारी है.
नारायणपुर के नए बस स्टैंड के पीछे उपलब्ध खाली जमीन पर शेड निर्माण के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू होने की उम्मीद है.– अजय खांडे, जिला श्रम अधिकारी
श्रम अन्न योजना’ आज सैकड़ों गरीब मजदूरों के लिए जीवनरेखा बन चुकी है, लेकिन इसके स्थाई संचालन के लिए आधारभूत संरचना का मजबूत होना जरूरी है. यदि समय रहते स्थाई भवन की व्यवस्था नहीं की गई, तो इस महत्वपूर्ण योजना की निरंतरता प्रभावित हो सकती है.