Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Delhi Monsoon 2026: दिल्ली सरकार ने 57% नालों की सफाई का काम किया पूरा, मानसून से पहले 76 प्रमुख नाल... UP Police का खौफनाक चेहरा! हमीरपुर में दारोगा ने बीच सड़क महिला को मारी लात, वायरल वीडियो देख भड़के ... दिल्ली: ऑटो वाला, इंस्टाग्राम और IRS की बेटी का कत्ल! रोंगटे खड़े कर देगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट; डॉक्टर... Ranchi News: जगन्नाथपुर मंदिर में गार्ड की बेरहमी से हत्या, 335 साल पुराने ऐतिहासिक मंदिर की सुरक्षा... Weather Update: दिल्ली-UP और बिहार में भीषण गर्मी का 'येलो अलर्ट', 44 डिग्री पहुंचा पारा; जानें पहाड... Uttarakhand Election 2027: पुष्कर सिंह धामी ही होंगे 2027 में CM चेहरा, BJP अध्यक्ष ने 'धामी मॉडल' प... Mosquito Coil Danger: रात भर जलती रही मच्छर भगाने वाली कॉइल, सुबह कमरे में मिली बुजुर्ग की लाश; आप भ... General MM Naravane: 'चीन से पूछ लीजिए...', विपक्ष के सवालों पर जनरल नरवणे का पलटवार; अपनी विवादित क... भोंदू बाबा से कम नहीं 'दीक्षित बाबा'! ठगी के पैसों से गोवा के कसीनो में उड़ाता था लाखों, रोंगटे खड़े क... Bihar Cabinet Expansion: बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार का नया फॉर्मूला तैयार, कैबिनेट में नहीं होंगे ...

Lucknow-Indore Economic Corridor: लखनऊ से इंदौर तक बनेगा नया इकोनॉमिक कॉरिडोर, बुंदेलखंड से पलायन रोकने के लिए मास्टरप्लान तैयार

सागर। लंबे समय से प्रगति के पथ पर सरपट दौड़ने का इंतजार कर रहे बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली है. बुंदेलखंड प्रगति पथ के नाम से प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर अब बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास की पटरी पर तेज रफ्तार में दौड़ने की तैयारी कर रहा है. खास बात यह है कि बुंदेलखंड प्रगति पथ का फायदा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों मिलने जा रहा है.

ये कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर, सागर से होते हुए औद्योगिक नगरी देवास से कनेक्ट होने जा रहा है. प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर बुंदेलखंड मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, देवास जैसे औद्योगिक शहरों से जुड़ेगा तो उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ से जुड़ जाएगा.

एक्सप्रेसवे की तर्ज पर होगा तैयार

प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर को एक्सप्रेसवे की भांति तैयार किया जाना है. ये ऐसा प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा है, जो मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के औद्योगिक शहरों को बुंदेलखंड के जरिए जोड़ेगा. इस औद्योगिक गलियारे से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश का बुंदेलखंड इंदौर, भोपाल, देवास, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों से जुड़ जाएगा. इसका फायदा दोनों राज्यों में फैले बुंदेलखंड यानि उत्तरप्रदेश के साथ जिलों और मध्यप्रदेश के 6 जिलों को होगा.

बुंदेलखंड कृषि प्रधान इलाका है और औद्योगिक विकास में पीछे जाने के कारण पलायन यहां की मजबूरी है. लेकिन यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड की नई तस्वीर गढ़ेगा. इस एक्सप्रेसवे के कारण औद्योगिक विकास होगा और लोगों को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा.

330 किमी लंबा एक्सप्रेस वे होगा बुंदेलखंड विकास पथ

बुंदेलखंड विकास पथ मध्यप्रदेश का प्रस्तावित इकानामिक कॉरिडोर है. ये करीब 330 किमी लंबा एक्सप्रेसवे है. इसको डिजाइन करने का उद्देश्य पिछड़े बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है. इसको ऐसा डिजाइन किया गया है कि सागर के जरिए ये झांसी-ललितपुर-देवास-सागर को जोड़कर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड को दोनों राज्यों के प्रमुख औद्योगिक शहरों से कनेक्टिविटी है.

बदलेगी बुंदेलखंड की की तस्वीर

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह कहते है “बुंदेलखंड प्रगति पथ प्रस्तावित है. फिलहाल शुरुआती सर्वे और अध्ययन चल रहा है. यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से दोनो राज्यों के बुंदेलखंड को कनेक्ट करेगा. सागर, टीकमगढ़, पन्ना और छतरपुर की औद्योगिक प्रगति का आधार बनेगा. पर्यटन और व्यापार में गति आएगी. मालवा और बुंदेलखंड के बीच परिवहन को रफ्तार देगा.”