खूनी संघर्ष: शराब माफिया ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 घायल; जवाब में लोगों ने घर और वाहनों में लगाई आग, भारी पुलिस बल तैनात
कटिहार जिले में कदवा थाना क्षेत्र के भोगांव में शराब माफिया ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और इस फायरिंग में तीन लोगों को गोली लग गई. माफिया के गोली चलाने के बाद गुस्साए गांव के लोगों ने आरोपी के घर को घेरकर तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया. इसके अलावा 6 बाइक, 1 ऑटो और एक कार को भी जला दिया. उपद्रव की सूचना पाकर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची.
घायलों में वृद्ध महिला, उसकी 11 वर्ष की पोती और एक युवक शामिल है. घटना को लेकर घायल बुजुर्ग महिला जानकी देवी के रिश्तेदार रोहित सिंह ने बताया कि उनका भाई बबलू सिंह, रात में साइकिल से मेला देखकर घर लौट रहा था. बबलू वर्तमान में वार्ड संख्या 2 का वार्ड सदस्य है. लौटते समय सुनील साह के घर से शराब लेकर मोटरसाइकिल से निकल रहे एक युवक की टक्कर बबलू सिंह की साइकिल से हो गई.
टक्कर के बाद कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला बढ़ गया. आरोप है कि सुनील साह घर से बाहर निकलकर बबलू सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगा. जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई और लोग वहां जुटने लगे, तब सुनील साह घर के अंदर घुस गया.
रोहित सिंह का आरोप है कि बाहर शोर-शराबा होने पर सुनील साह ने घर के अंदर से अचानक फायरिंग शुरू कर दी. ग्रामीणों के अनुसार करीब 7-8 राउंड गोलियां चलाई गईं. इस गोलीबारी में 11 वर्षीय अनुष्का कुमारी, 60 वर्षीय जानकी देवी और प्रीतम कुमार को गोली लग गई.
ग्रामीणों द्वारा सभी घायलों को आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गागंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पूर्णिया रेफर कर दिया गया. फिलहाल सभी का इलाज जारी है.
गोलीबारी की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर और उसके पास खड़े वाहनों में आग लगा दी. इसमें कुल 6 मोटरसाइकिल, एक ऑटो और एक कार जलकर खाक हो गए. वहीं आरोपी सुनील साह के आवासीय घर में भी तोड़फोड़ की गई.
‘जबरन गाड़ियां हथिया लेता था…’
बताया जाता है कि सभी वाहन सुनील साह के थे, जिनका उपयोग शराब लाने में किया जाता था. आरोप यह भी है कि वह उधारी नहीं चुकाने वालों के वाहन जबरन अपने पास रख लेता था, हालांकि इन बातों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बड़ी संख्या में पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी सुनील साह को पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया.
घटना के बाद गांव में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आरोपी का घर किसी शराब दुकान से कम नहीं है. बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद खुलेआम शराब बिक्री की बात सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या बोले अधिकारी?
मामले को लेकर पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विवेकानंद और पुलिस अधीक्षक कटिहार शिखर चौधरी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की. जांच के बाद पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि मोटरसाइकिल की टक्कर के विवाद के बाद आक्रोशित लोगों ने सुनील साह का घर घेर लिया था, जिसके बाद उसकी ओर से फायरिंग की गई, जिसमें 3 लोग घायल हुए. उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया.
इस संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं. गोलीबारी के मामले में सुनील साह सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं विधि-व्यवस्था भंग करने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य 6 की पहचान की गई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
सुनील साह पर अवैध शराब तस्करी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ऐसी जानकारी मिली है. उसके खिलाफ पहले भी 4-5 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 107 के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
पूरा गांव छावनी में तब्दील
घटना के बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस ने गोली चलाने के आरोपी सुनील साह और उसके परिवार के तीन सदस्य—रंजीत साह, लवली सिंह और निशा सिंह को गिरफ्तार किया है.
9 गिरफ्तार
साथ ही आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल 9 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनमें मिथिलेश कुमार सिंह, जय प्रकाश सिंह, तपन सिंह, प्रीतम सिंह, अशोक सिंह, अमरजीत सिंह, चंदन सिंह, अमन कुमार सिंह (पिता जय प्रकाश सिंह) और अमन कुमार सिंह (पिता महेश सिंह) शामिल हैं. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है.