Bhopal vs Ratlam: भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज के बाद अब रतलाम का ‘खतरनाक’ अंडरपास, हादसों ने बढ़ाई लोगों की टेंशन
रतलाम: भोपाल के 90 डिग्री वाले ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज के अजीब डिजाइन के बाद अब मध्य प्रदेश का अंडर ब्रिज सुर्खियों में आ गया है. भोपाल की तरह अब रतलाम का 90 डिग्री रेलवे अंडर ब्रिज सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा है. रतलाम के नामली में रतलाम-नीमच रेल मार्ग पर बना यह अंडर ब्रिज इसके खतरनाक 90 डिग्री मोड़ और कर्व वाले डिजाइन के लिए सुर्खियों में आ गया है. करीब 400 मीटर लंबे इस अंडर ब्रिज में 90 डिग्री के दो शार्प टर्न है और ‘S’ आकार के कर्व हैं. यह अंडर ब्रिज कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुआ है, जिसके खुलते ही इसका डिजाइन हर किसी को चौंका रहा है.
अंडरपास खुलते ही सामने आया चौंकाने वाला डिजाइन
सोशल मीडिया पर रतलाम के नामली में बने रेलवे अंडर ब्रिज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें 90 डिग्री के टर्न पर हादसों की संभावना बताई जा रही है. यह अंडरपास नामली टाउन को नीमच नयागांव फोरलेन से जोड़ता है. जहां दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों की आवाजाही होती है. करीब डेढ़ वर्ष से इसका निर्माण कार्य चल रहा था. इसके बाद कुछ हफ्ते पहले ही इसे यातायात के लिए खोला गया है. इस अंडरपास से गुजरने वाले राहगीरों को भोपाल के प्रसिद्ध हो चुके 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ब्रिज की याद आ जाती है, जहां बने शार्प 90 डिग्री के टर्न की वजह से यह मीडिया में सुर्खियों में आ गया था.
90 डिग्री के टर्न की वजह से होंगे हादसे
करीब 400 मीटर लंबे इस रेलवे अंडर ब्रिज को लेकर यहां से गुजरने वाले राहगीरों ने बताया कि यह किसी भूल भुलैया से कम नहीं है.सड़क जिगजैग पैटर्न में बनी होने की वजह से वाहनों के टकराने की संभावना रहती है. वाहन चालक महेंद्र सिंह ने बताया, ” यहां तो टर्न पर गाड़ियां टकराएंगी और स्लोप पर ब्रेक लगाने की वजह से गाड़ियां स्लिप भी होंगी.” स्थानीय निवासी क्षितिज सोनी ने बताया, ” जहां पूर्व की सीधी सड़क की तरह ही सीधा अंडर ब्रिज बनाया जा सकता था, वहां पर इतना घुमावदार अंडर ब्रिज बनाए जाने की वजह से हादसों की संभावना बनी रहेगी. वहीं, अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए भी यह जगह अनुकूल बन गई है.”
रेलवे ने अंडरपास को लेकर दिया ये तर्क
सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आए इस 90 डिग्री वाले अंडर पास को राहगीरों ने नापसंद किया है. लेकिन रेलवे के अधिकारियों की मानें तो रेलवे लैंड बाउंड्री के अंतर्गत उपलब्ध जगह के आधार पर अंडर ब्रिज और लिमिटेड हाई सबवे का डिजाइन तैयार होता है. रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, ” रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने के उद्देश्य से रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जाते हैं. जहां ट्रैफिक बहुत अधिक मात्रा में नहीं होता है वहां लोगों की अतिरिक्त सुविधा के लिए आरओबी बनाए जाते हैं.रेलवे के पास जितनी जगह उपलब्ध है.उसी के भीतर अंडरपास का नक्शा बनाया गया है. जमीन कम होने के कारण रास्ते में मोड़ देना मजबूरी होती है. जिसे टाला नहीं जा सकता है.”