Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
टीवी बनाम सोशल मीडिया के अंतर्विरोध और कागजी आंकड़ों का खेल पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में भी रिकार्ड मतदान तमिलनाडु एग्जिट पोल में रेस का काला घोड़ा नया है West Bengal Election Results 2026: 4 मई को आएंगे नतीजे; 77 केंद्रों पर होगी 294 सीटों की मतगणना, सुर... देश के चुनावों में फिर से मोदी का जलवा कायम रहेगा Delhi Ration Card: दिल्ली में हर शनिवार लगेगा जन सुनवाई कैंप; राशन कार्ड की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्... अब मोदी की नकल करने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति भी Hajj Yatra 2026: हज यात्रियों के किराए पर छिड़ी जंग; 10 हजार की बढ़ोतरी को सरकार ने बताया 'राहत', जा... चार सैनिकों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा Election Counting 2026: सुरक्षा में कोई चूक नहीं! काउंटिंग सेंटर्स पर QR कोड सिस्टम लागू, बिना डिजिट...

Krishi Road Map: शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, हर राज्य का बनेगा अपना कृषि रोड मैप; मध्य प्रदेश से होगी शुरुआत

भोपाल: देश के अलग-अलग राज्यों की भौगोलिक स्थिति, जलवायु को ध्यान में रखकर केन्द्र सरकार सभी राज्यों का कृषि का रोड मैप बनाने जा रही है. इसकी शुरूआत मध्य प्रदेश के रोडमैप से की जा रही है. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है. केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में भोपाल, विदिशा, रायसेन जिले को मिलाकर एक अलग रोडमैप तैयार किया गया है. जिसे 12 अप्रैल को राजधानी से सटे रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा. यह मेला 11 अप्रैल से शुरू होकर 13 अप्रैल तक चलेगा. इसमें देश भर के कृषि वैज्ञानिक कृषि के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों से किसानों को रूबरू कराएंगे.

इस तरह तैयार हो रहा रोड मैप

रायसेन में शुरू होने जा रहे उन्नत कृषि महोत्सव को लेकर भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि “देश के हर राज्य की अपनी अलग भौगोलिक स्थिति और जलवायु है. मिट्टी, मिट्टी में मौजूद तत्वों, तापमान, बारिश की स्थिति में अंतर होता है. इसका असर कृषि के उत्पादन पर पड़ता है. फसलों की अलग-अलग किस्म का उत्पादन भी अलग-अलग राज्यों के हिसाब से होता है. इसको देखते हुए हर राज्य का अलग रोडमैप तैयार किया जा रहा है.

कृषि वैज्ञानिकों की टीम राज्यों के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रही है, ताकि किसान को पता हो कि कौन सी फसल और फसल की किस वैरायटी उनके क्षेत्र में बेहतर उत्पादन दे सकती है. केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि इसकी शुरूआत मध्य प्रदेश के 3 जिलों के रोडमैप से की जा रही है. महोत्सव में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि अधिकारियों के साथ मिलकर प्रदेश के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी.

महोत्सव का यह हैं एजेंडा

महोत्सव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तमाम वैज्ञानिक से लेकर कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे. मेले में कृषि से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को लेकर कृषि वैज्ञानिक प्रजेंटेशन देंगे और इसके बाद किसानों से चर्चा की जाएगी. महोत्सव में कृषि मशीनरी और उपकरण, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, ड्रोन के प्रयोग, अलग-अलग नस्ल के पशु, जैविक और प्राकृतिक खेती की पद्धतियों, पॉलीहाउस, ग्रीन हाउस, कृषि से जुड़े स्टार्ट अप, मधुमक्खी पालन जैसे अलग-अलग पहलुओं को लेकर किसानों को बताया जाएगा.

युवाओं के लिए रोजगार

महोत्सव में फसल के साथ-साथ डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्यपालन, बकरीपालन, एफपीओ-मार्केटिंग और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के अवसरों के साथ रोजगार के बारे में बताया जाएगा.

इस तरह जुड़ेगी बाजार से चेन

महोत्सव में उत्पादन, पशुपालन, प्रसंस्करण, मार्केटिंग और उद्यमिता की पूरी वैल्यू-चेन को एक साथ रखा जाएगा, ताकि किसान खेत से लेकर बाजार और निर्यात तक को एक ही जगह समझ सकें.

उन्नत नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन

इसमें पशुपालन एवं डेयरी विभाग व राज्य सरकार की ओर से आयोजित पशुधन प्रदर्शन में गिर, साहीवाल, थारपारकर, मालवी जैसी उन्नत गाय नस्लें व जमुनापारी, बारबरी, सिरोही, बीटल, सोजत जैसी दुग्ध और मांस दोनों के लिए उपयुक्त बकरी नस्लें प्रदर्शित की जाएंगी.

उन्नत फसल का मॉडल

डेयरी-कोऑपरेटिव, चारा प्रबंधन, गोबर-आधारित ऊर्जा और ऑर्गेनिक-इनपुट जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी. ताकि किसान पशुधन को खेती के साथ जोड़कर चक्रीय और टिकाऊ कृषि-मॉडल तैयार हो सके.