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क्या हाल ही में एक ब्लैक होल में विस्फोट हुआ?

एक उप परमाणु कण का पता चलने से निकला नया सिद्धांत

  • न्यूट्रिनो कण से नई वैज्ञानिक सोच बनी

  • इस कण की ताकत अत्यधिक आंकी गयी

  • ब्लैक होल शायद गर्म होकर विस्फोट करते हैं

राष्ट्रीय खबर

रांचीः ब्रह्मांड रहस्यों से भरा है, लेकिन 2023 में जो हुआ उसने वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए। अंतरिक्ष से एक ऐसा नन्हा कण (जिसे न्यूट्रिनो कहते हैं) आकर हमारी धरती से टकराया, जिसकी ऊर्जा विज्ञान की समझ से परे थी। यह कण इंसानों द्वारा बनाए गए सबसे शक्तिशाली लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर की तुलना में 1,00,000 गुना ज्यादा ताकतवर था। सवाल यह था कि आखिर ब्रह्मांड की कौन सी मशीन इतना शक्तिशाली वार कर सकती है? अब अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह धमाका किसी आम तारे का नहीं, बल्कि एक नन्हे आदिम ब्लैक होल की मौत का संकेत हो सकता है।

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आमतौर पर ब्लैक होल किसी विशाल तारे के मरने से बनते हैं, लेकिन 1970 के दशक में मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने एक चौंकाने वाली बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जब ब्रह्मांड पैदा हुआ था (बिग बैंग के ठीक बाद), तब छोटे-छोटे आदिम ब्लैक होल बने थे। ये आम ब्लैक होल जैसे दैत्य नहीं होते, बल्कि वजन में हल्के लेकिन घनत्व में बहुत ज्यादा होते हैं। हॉकिंग ने बताया था कि ये ब्लैक होल पूरी तरह शांत नहीं रहते; वे धीरे-धीरे गर्म होते हैं और उनसे रोशनी व कण निकलते रहते हैं। इसे ही हॉकिंग रेडिएशन कहा जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, ये छोटे ब्लैक होल जितने हल्के होते जाते हैं, उतने ही ज्यादा गर्म होते जाते हैं। अंत में, ये एक भयंकर विस्फोट के साथ फट जाते हैं। 2023 में मिला वह रहस्यमयी कण शायद ऐसे ही किसी विस्फोट से निकला था। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये विस्फोट हर 10 साल में एक बार हो सकते हैं और हमारे पास अब उन्हें पकड़ने वाली तकनीक मौजूद है।

वैज्ञानिकों के सामने एक समस्या थी। धरती पर दो बड़ी मशीनें इन कणों पर नज़र रखती हैं। एक ने तो इस ऊर्जा को महसूस किया, लेकिन दूसरी को कुछ नहीं मिला। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोधकर्ताओं ने डार्क चार्ज का नाम दिया है।

उनका मानना है कि इन ब्लैक होल में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा या चार्ज होता है, जिसे हम देख नहीं पाते। इसी वजह से ये अलग तरह से व्यवहार करते हैं। यह खोज न केवल स्टीफन हॉकिंग की थ्योरी को सच साबित कर सकती है, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्य डार्क मैटर का पर्दाफाश भी कर सकती है। अगर यह सच साबित हुआ, तो हम जान पाएंगे कि हमारा ब्रह्मांड आखिर किस चीज़ से बना है।

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