Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने... नाई की दुकान में 'मौत का प्लान'! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्...

नाई की दुकान में ‘मौत का प्लान’! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्ध

Lucknow News: उत्तर प्रदेश ATS ने एक बड़े राष्ट्र-विरोधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे निर्देश पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स और गैस सिलेंडर भरे ट्रकों में आगजनी कर आतंक व दहशत फैलाने वाले चार सदस्यीय गिरोह को ATS ने गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी साकिब उर्फ वकिल (25) निवासी अब्दुलपुर, थाना परीक्षितगढ़, मेरठ को उसके तीन साथियों समेत 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल बॉक्स में आगजनी-विस्फोट की योजना को अंजाम देने से ठीक पहले धर लिया गया.

ATS के अनुसार, साकिब नाई का काम करता था, लेकिन सोशल मीडिया टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संपर्क में था. हैंडलर ओसामा बिन लादेन, फरहतुल्ला गौरी, कश्मीर मुजाहिद्दीन और गजवा-ए-हिंद जैसे नामों का इस्तेमाल कर साकिब को धर्म के नाम पर वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को जलाने के लिए उकसाते थे. गिरोह का मकसद भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना और देश में आतंक का माहौल पैदा करना था.

गिरोह कैसे काम करता था?

साकिब और उसके साथी गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ के महत्वपूर्ण संस्थानों, राजनीतिक व्यक्तियों के घरों और रेलवे संपत्तियों की रेकी करते थे. रेकी के वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर को भेजते थे. हैंडलर गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय करते थे. काम पूरा करने के बाद आरोपी QR कोड के जरिए पैसे हासिल करते थे. कुछ जगहों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं कर उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे.

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

गिरोह में शामिल सदस्य अरबाब (20) निवासी अब्दुलपुर, मेरठ, विकास उर्फ रौनक (27) निवासी राम विहार, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) निवासी राम विहार कॉलोनी, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे (पैंफलेट) और आधार कार्ड मिला है. एटीएस थाना, लखनऊ में इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

बड़ी साजिश रच रहा था ये गिरोह

आरोपियों पर BNS की धारा 148, 152, 61(2) और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 13 और 18 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया. UP ATS के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में था. भारत में सामूहिक नरसंहार और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश रच रहा था.