असम में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में जुटे नेता प्रतिपक्ष
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अनुच्छेद 244 ए लागू करने की बात
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स्वायत्त राज्य के निर्माण पर अडिग
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जिला परिषदों को भी स्वायत्ता होगी
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने असम के कर्बी आंगलोंग में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि यदि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244 ए को तत्काल प्रभाव से लागू करेगी। राहुल गांधी का यह वादा असम के जनजातीय क्षेत्रों, विशेषकर पहाड़ी जिलों के लिए एक बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है, जो लंबे समय से अधिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को निशाने पर लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार और कुशासन के गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि कांग्रेस की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। गांधी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय क्षेत्रों के संसाधनों और उनकी पहचान पर नियंत्रण करना चाहती है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।
अनुच्छेद 244 ए के महत्व को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने भावुक अपील की। उन्होंने कहा, हम अनुच्छेद 244 ए के कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपके मामलों को गुवाहाटी से रिमोट कंट्रोल के जरिए न चलाया जाए। हमारा लक्ष्य है कि आप अपने भविष्य के भाग्य विधाता खुद बनें, अपनी राजनीति स्वयं संचालित करें और अपनी भूमि से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अधिकार आपके पास हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय सशक्तिकरण के लिए इस संवैधानिक प्रावधान को लागू करना अनिवार्य है।
संवैधानिक दृष्टिकोण से अनुच्छेद 244 ए असम के भीतर एक स्वायत्त राज्य बनाने का विशेष प्रावधान करता है। इसमें छठी अनुसूची के तहत आने वाले जनजातीय क्षेत्रों के लिए एक पृथक स्थानीय विधायिका या मंत्रिपरिषद की व्यवस्था की जा सकती है। वर्तमान में छठी अनुसूची असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में स्वायत्त जिला परिषदों के माध्यम से शासन संचालित करती है, लेकिन अनुच्छेद 244 ए इससे कहीं अधिक विधायी और कार्यकारी शक्तियां प्रदान करता है। राहुल गांधी का यह कदम जनजातीय मतदाताओं को जोड़ने की कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।