Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राज्यसभा चुनाव में तेज हुआ जोड़ घटाव का खेल Solar Power Plant in Sitapur: रक्षा भूमि पर देश का पहला बड़ा सोलर प्रोजेक्ट; राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी Yamuna O-Zone Delhi: यमुना किनारे रहने वालों को बड़ी राहत; बीजेपी सांसदों ने कहा- 'पुरानी बस्तियों पर... PM Modi Historic Record: पीएम मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री; नेहरू का रिकॉ... INDIA Alliance Meeting: गठबंधन का पीएम चेहरा तय करने की मांग; संजय राउत बोले- 'अगर मोदी बन सकते हैं ... Bihar Industrial Policy: बिहार में उद्योग लगाना हुआ आसान; 30 दिनों में नहीं मिली मंजूरी तो आवेदन होग... MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर BJP की जीत प... Baghpat Crime News: बागपत में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग; टेंट व्यवसायी के पिता-पुत्र की हत्या, इला... Jaipur Fire Accident: जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, कई गंभीर Delhi Weather Alert: दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम; 11 जून को 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बा...

Ranchi Water Crisis 2026: रांची नगर निगम की बड़ी तैयारी, वाटर टैंकर्स की संख्या बढ़ी; जलसंकट दूर करने के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

रांची: गर्मी का मौसम शुरू होते ही राजधानी रांची में पेयजल संकट हर साल गंभीर रूप ले लेता है. शहर के कई ड्राई जोन में पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन जाती है. ऐसे में इस वर्ष गर्मी के दौरान लोगों को राहत देने के लिए रांची नगर निगम ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. नगर निगम और पीएचईडी विभाग के बीच समन्वय बनाकर पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है.

नगर निगम द्वारा शहर में सरकारी बोरिंग की साफ-सफाई, खराब पड़ी टंकियों की मरम्मत और जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है. साथ ही पेयजल आपूर्ति के लिए उपलब्ध टैंकरों को भी व्यवस्थित किया जा रहा है. फिलहाल निगम के पास लगभग 60 पानी के टैंकर हैं, जिनके माध्यम से ड्राई जोन क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाती है. निगम ने अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि रात के समय ही टैंकरों को भरकर तैयार रखा जाए, ताकि सुबह से ही प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति की जा सके.

इस संबंध में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि इस बार गर्मी को देखते हुए नगर निगम पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.

क्या कहते हैं आंकड़े

आंकड़े के मुताबिक रांची शहर में प्रतिदिन लगभग 20.45 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो शहर की औसत जरूरत से अधिक मानी जाती है. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में पानी की कमी बनी रहती है. इसका मुख्य कारण पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज, अवैध कनेक्शन और असमान वितरण है. बताया जाता है कि प्रतिदिन करीब 4 करोड़ लीटर पानी लीकेज और अवैध कनेक्शन के कारण बर्बाद हो जाता है.

50 से 60 साल पुरानी पाइपलाइन

शहर की कई पाइपलाइन 50 से 60 साल पुरानी हैं, जिनमें लगातार रिसाव होता है. इससे न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि कई बार पानी दूषित भी हो जाता है. यही वजह है कि शहर के कई वार्ड, खासकर ड्राई जोन वाले इलाके, टैंकरों पर निर्भर रहते हैं.

घर-घर जल नल की व्यवस्था

नगर निगम के अनुसार नई जलापूर्ति परियोजनाओं के तहत 60,932 से अधिक घर-घर कनेक्शन नल से जल उपलब्ध कराने का काम किया गया है. लगभग 489.27 किलोमीटर लंबे वितरण नेटवर्क के विस्तार की भी योजना है, जिससे भविष्य में जल वितरण को संतुलित किया जा सके.

पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय जरूरी

इसके अलावा पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है. निगम का दावा है कि गर्मी के दौरान किसी भी इलाके में अत्यधिक संकट की स्थिति न बने, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था भी की जाएगी.

पेयजल को लेकर अभी से ही परेशानी बढ़ी

पेयजल को लेकर वर्तमान में आम लोग त्राहिमाम की स्थिति में हैं. लोगों का कहना है कि न तो समय पर पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध हो पा रहा है और न ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. ऐसे में आने वाले समय में स्थिति और भयावह होने की आशंका जताई जा रही है. दूसरी ओर, शहर के कई इलाकों में कटे-फटे पाइपों से लगातार पानी बह रहा है, जिसकी न तो समुचित निगरानी हो रही है और न ही समय पर मरम्मत की व्यवस्था.

असली परीक्षा बाकी

रांची नगर निगम इस बार गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए पहले से ज्यादा तैयार नजर आ रहा है. हालांकि असली परीक्षा आने वाले महीनों में ही होगी, जब तापमान बढ़ने के साथ पानी की मांग भी चरम पर होगी.