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Palamu News: सरकारी स्कूल बने केंदु पत्ता के गोदाम; गर्मी छुट्टी का फायदा उठाकर दबंग कारोबारी कर रहे अवैध कब्जा

पलामू: पलामू जिले में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और गरिमा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गर्मी की छुट्टियों का फायदा उठाकर कुछ दबंग केंदु पत्ता कारोबारियों ने स्कूलों के कमरों और मैदानों पर अवैध कब्जा कर लिया है। चैनपुर, पांकी, मनातू और हुसैनाबाद जैसे इलाकों में सरकारी भवनों को गोदाम में तब्दील करने की तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

📉 मानसून से बचने की आड़ में अवैध कब्जा

अगले कुछ दिनों में मानसून के आने की संभावना के चलते, कारोबारी अपने कीमती केंदु पत्तों को बारिश से बचाने के लिए सरकारी इमारतों का सहारा ले रहे हैं। रामगढ़ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, छितरा में जब स्थानीय लोगों ने स्कूल को गोदाम बनते देखा, तब यह मामला प्रकाश में आया। आरोप है कि कई जगहों पर प्रधानाध्यापकों की अनुमति के बिना ही यह काम किया गया है।

⚖️ विभाग की चेतावनी और कार्रवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए पलामू के डीएसई (DSE) संदीप कुमार ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों का उपयोग गोदाम के रूप में करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “जहां भी ऐसी सूचना मिल रही है, वहां तुरंत पत्तों को हटवाया जा रहा है। साथ ही, संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा कि उनकी जानकारी के बिना यह कैसे हुआ।”

💪 दबंगई और नक्सलियों का साया

पलामू के ये इलाके पूर्व में अति-नक्सल प्रभावित रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कारोबारी अपनी दबंगई के दम पर स्थानीय लोगों और शिक्षकों को चुप करा देते हैं। कई वर्षों से चले आ रहे इस खेल में ठेकेदार मजदूरों को मामूली रकम देकर सरकारी परिसंपत्तियों का दोहन कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में स्वच्छता और सुरक्षा का संकट पैदा हो गया है।

🔄 क्या है केंदु पत्ता कारोबार का चक्र?

अप्रैल में नीलामी और मई में तुड़ाई के बाद, जून के महीने में पत्तों को सुखाकर सुरक्षित ठिकानों पर रखने का दौर चलता है। चूंकि इसी दौरान स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होती हैं, इसलिए कारोबारी बिना किसी शुल्क के सरकारी स्कूलों को खलिहान और गोदाम के रूप में इस्तेमाल करते हैं।