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केसी त्यागी ने आरएलडी में योगदान किया

नीतीश कुमार का साथ छोड़ने के बाद अब जयंत चौधरी से मिले

  • जेडीयू से दशकों पुराना नाता टूटा

  • राजनीतिक सफर और अनुभव का भंडार

  • बदलता राजनीतिक समीकरण दिखने लगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति के कद्दावर चेहरे और जनता दल यूनाइटेड के पूर्व वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने रविवार को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता ग्रहण कर ली। देश की राजधानी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। त्यागी का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समीकरणों के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण है।

के.सी. त्यागी ने अभी हाल ही में, 17 मार्च को जेडीयू से अपने सभी रिश्ते तोड़ लिए थे। उनके इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज थीं। त्यागी का जेडीयू के साथ सफर अक्टूबर 2003 में पार्टी के गठन के समय से ही शुरू हो गया था, जब समता पार्टी और जनता दल का विलय हुआ था।

अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने पार्टी में प्रधान महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण और नीति-निर्धारक पदों की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, 2024 में उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए मुख्य प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसने उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरियों के संकेत दे दिए थे।

गाजियाबाद से ताल्लुक रखने वाले किशन चंद त्यागी (के.सी. त्यागी) का राजनीतिक करियर 1970 के दशक से सक्रिय है। वे 1989 में उत्तर प्रदेश की हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। उनके पास न केवल जेडीयू बल्कि समाजवादी पार्टी में भी राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य करने का व्यापक अनुभव है। 2013 में वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे। उनके अनुभव और सांगठनिक कौशल को देखते हुए जयंत चौधरी ने उनका स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए एक बड़ी मजबूती बताया है।

त्यागी के आरएलडी में शामिल होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ और मजबूत होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने जेडीयू छोड़ने का कोई ठोस या आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वे अपनी गृह-भूमि (उत्तर प्रदेश) की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका चाहते थे। आरएलडी में उनकी एंट्री ऐसे समय में हुई है जब जयंत चौधरी केंद्र में मंत्री हैं और पार्टी अपने आधार विस्तार में जुटी है। के.सी. त्यागी का कद और उनकी बेबाक छवि आने वाले समय में आरएलडी के लिए एक वैचारिक और रणनीतिक स्तंभ साबित हो सकती है।