युद्ध और वैश्विक स्थिति पर नेता प्रतिपक्ष ने देश को आगाह किया
नईदिल्लीः राहुल गांधी ने आगाह किया कि रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और औद्योगिक ईंधन के दामों में वृद्धि आगामी भीषण महंगाई के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की जाएगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रुपये की गिरावट के लिए अंतरराष्ट्रीय कारकों को जिम्मेदार बताया, लेकिन साथ ही भाजपा को उनके पुराने रुख की याद दिलाई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश में महंगाई की एक नई और खतरनाक लहर आने की चेतावनी दी।
उन्होंने रुपये के लगातार गिरते मूल्य और अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण बढ़ती ईंधन की कीमतों को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बताया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का 100 के स्तर की ओर बढ़ना और औद्योगिक ईंधन की कीमतों में उछाल मात्र आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह हर परिवार की जेब पर सीधा और गहरा प्रहार है।
राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले चार प्रमुख प्रभावों को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि सरकार भले ही इसे सामान्य कहे, लेकिन वास्तविकता बहुत अलग है। उनके अनुसार:उत्पादन और परिवहन की लागत महंगी हो जाएगी, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग पर इसकी सबसे गाज गिरेगी।
रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों का पैसा तेजी से बाहर निकलेगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अभी कीमतों को रोककर बैठी है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए जाएंगे।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने ऊर्जा की लागत बढ़ा दी है, जिससे भारत में आपूर्ति बाधित होने का डर पैदा हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने पहले ही वाणिज्यिक एलपीजी उपयोगकर्ताओं को पीएनजी पर स्थानांतरित होने का सुझाव दिया है। केरल जैसे राज्यों में एलपीजी की भारी किल्लत देखी जा रही है, जहाँ कई होटलों और रेस्तरां को अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद करना पड़ा है। गैस डिपो पर लंबी कतारें और घबराहट में की जा रही खरीदारी की खबरें भी सामने आ रही हैं।
इसी बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रुपये की गिरावट के पीछे उन अंतरराष्ट्रीय ताकतों को जिम्मेदार ठहराया जो सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं। हालांकि, उन्होंने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें अब वह बड़प्पन दिखाना चाहिए और अपने उन पुराने दावों को वापस लेना चाहिए, जिनमें वे यूपीए सरकार के दौरान रुपये की गिरावट के लिए तत्कालीन सरकार को दोषी ठहराते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति भाजपा के उन पुराने राजनीतिक दावों की पोल खोलती है।