Chhattisgarh Consumer Forum Decision: छत्तीसगढ़ उपभोक्ता आयोग का सख्त रुख, IOCL को देना होगा हर्जाना; गैस रिसाव मामले में कंपनियों की दलीलें फेल
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, रायपुर ने रसोई गैस रिसाव से हुई एक दुखद मृत्यु के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. आयोग ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर की गई अपीलों को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के पूर्व आदेश को बरकरार रखा है.
न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया (अध्यक्ष) और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के लिए तेल कंपनियां और बीमा प्रदाता अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. यह मामला भिलाई के एक परिवार से जुड़ा है, जहाँ गैस रिसाव के कारण लगी आग में झुलसने से एक व्यक्ति की जान चली गई थी.
गैस सिलेंडर में आग लगने से हुई थी मौत
मामला भिलाई निवासी प्रिया झा द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है. उन्होंने अपने पिता अशोक कुमार झा की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाई थी.31 जनवरी 2024 को गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से अशोक कुमार झा गंभीर रूप से झुलस गए थे. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 5 फरवरी 2024 को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया था मुआवजे का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद दुर्ग जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया. आयोग ने इंडियन ऑयल और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस को 8 लाख रुपये मुआवजा, 1 लाख रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया था. साथ ही निर्देश दिया गया था कि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा.
कंपनियों ने फैसले को राज्य आयोग में दी थी चुनौती
जिला आयोग के आदेश के खिलाफ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अलग-अलग अपीलें दायर की थीं. कंपनियों का तर्क था कि दुर्घटना उपभोक्ता की लापरवाही से हुई और घटना पंजीकृत पते से अलग स्थान पर हुई थी, इसलिए बीमा पॉलिसी के तहत उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती.
आयोग ने कहा- सुरक्षा प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ
राज्य उपभोक्ता आयोग ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की समीक्षा करने के बाद पाया कि मृतक के नाम पर गैस कनेक्शन वैध था. इसके अलावा दुर्घटना से पहले गैस लीकेज की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन आवश्यक जांच और सुरक्षा प्रक्रिया का उचित पालन नहीं किया गया.
राज्य आयोग ने जिला आयोग के फैसले को ठहराया सही
सभी तथ्यों को देखते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि दुर्ग जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश पूरी तरह सही है और उसमें हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता. आयोग ने स्पष्ट किया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपीलें निराधार हैं, इसलिए उन्हें खारिज किया जाता है और जिला आयोग के आदेश की पुष्टि की जाती है.