Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Surguja News: रामगढ़ पर्वत बचाने के आंदोलन में कूदा 'जनजातीय सुरक्षा मंच'; गणेश राम भगत ने बताया इसे... World Blood Donor Day: कोरिया में रक्तदान शिविर का आयोजन; कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने खुद रक्तदान कर पे... Durg Road Accident: नेशनल हाईवे-53 पर तेज रफ्तार ट्रेलर का कहर; बाइक सवार युवक की जलकर दर्दनाक मौत Vijay Sharma Press Conference: दुर्ग में बोले डिप्टी सीएम विजय शर्मा; बस्तर की तर्ज पर दुर्ग संभाग म... Cyber Fraud in Raipur: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का व्हाट्सएप हैक; ठगों ने नाम का इस्तेमाल कर ... Dhamtari Crime News: सूने मकानों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश; 8 आरोपी गिरफ्ता... Hazaribagh Road Accident: चरही घाटी में पलटा कोल्ड ड्रिंक से लदा ट्रक; केबिन में फंसे चालक को घंटों ... PM Modi 12 Years: बीजेपी ने मनाई 'प्रगतिपथ यात्रा'; रांची में नित्यानंद राय ने गिनाईं केंद्र सरकार क... चुनावी मौसम का हथियार बन गयी केंद्रीय एजेंसियां Palamu News: रेड कॉरिडोर अब 'ग्रीन ग्रोथ जोन' बन रहा है; सांसद विष्णुदयाल राम ने गिनाईं केंद्र सरकार...

दुनिया में ‘जंग’, अमेरिका के ‘वारे-न्यारे’! हथियार बेचकर कमा रहा अंधा पैसा; SIPRI की नई रिपोर्ट में हुआ रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

मिडिल ईस्ट और यूरोप में जंग से जहां पूरी दुनिया परेशान है. वहीं अमेरिका इन आपदाओं को अवसर में बदल रहा है. पिछले 4 साल में अमेरिका ने युद्ध से प्रभावित देशों में खूब हथियार बेचे हैं, जिसके कारण हथियारों के बाजार में उसका दबदबा और ज्यादा बढ़ गया है. अब दुनिया में बिक रहे 100 में से 42 हथियार अमेरिका के हैं. यह खुलासा स्टॉकहोम इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में हुआ है.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल के मुताबिक दुनियाभर में साल 2021-25 के दौरान जितने भी हथियार बिके हैं, उनमें 42 प्रतिशत हथियार अमेरिका के हैं. 2016-20 के दौरान यह आंकड़ा 36 प्रतिशत था. इस दौरान हथियार बेचने के मामले में रूस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. दुनिया में अब हथियार बिक्री में रूस की हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत है. अमेरिका के बाद हथियार बिक्री के मामले में फ्रांस का दबदबा बढ़ा है. भारत फ्रांस से सबसे ज्यादा हथियार खरीदता है.

अमेरिका ने इन देशों को बेचे हथियार

1. सऊदी अरब को अमेरिका ने 2021-25 के दौरान सबसे ज्यादा हथियार बेचे हैं. सऊदी को पिछले साल अमेरिका से 48 एफ-35 मिले हैं. इसके अलावा एक THAAD सिस्टम भी सऊदी को मिला है. पिछले 4 साल में अमेरिका का कुल 12 प्रतिशत हथियार सऊदी ने अकेले खरीदा है. सऊदी मिडिल ईस्ट की जंग में फंसा हुआ है.

2. रूस के साथ जंग में उलझा यूक्रेन अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीदने वाला देश है. पिछले 4 साल में अमेरिका ने यूक्रेन को अपने कुल हथियारों का 9 प्रतिशत हथियार बेचा है. यूक्रेन अमेरिका से मिसाइल और बख्तरबंद वाहन खरीद रहा है. यूक्रेन रूस के साथ 2022 से ही जंग लड़ रहा है.

3. जापान अमेरिका से हथियार खरीदने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है. जापान चीन के साथ तनाव में फंसा है. पिछले 4 साल में अमेरिका ने जापान को रडार सिस्टम और मिसाइल हथियार बेचे हैं. जापान एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी है.

इन 3 देशों के अलावा अमेरिका ने 2021-25 के दौरान 96 और देशों को हथियार बेचे हैं. स्टॉकहोम इंटरनेशनल के वरिष्ठ शोधकर्ता पीटर वेज़मैन के मुताबिक अमेरिका ने तेजी से बहुध्रुवीय होते विश्व में भी हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी प्रभुत्वता को और मजबूत कर लिया है. अमेरिका हथियारों के बिक्री को विदेश नीति के एक उपकरण और अपने हथियार उद्योग को मजबूत करने के एक तरीके के रूप में देखता है.