Punjab Budget 2026: भाजपा नेता तरुण चुघ ने आप सरकार को घेरा, बोले- “पंजाब को कर्ज के दलदल में धकेल रहा है नया बजट”
चंडीगढ़ : बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के पास पंजाब के विकास के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। चुघ ने कहा कि यह बजट पंजाब के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के बजाय केवल घोषणाओं और जुमलों का दस्तावेज बनकर रह गया है। चुघ ने कहा कि इस बजट की वास्तविकता सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी को उसके 2022 के चुनावी वादों की याद दिलाना जरूरी है। चुघ ने कहा कि उस समय अरविंद केजरीवाल ने बड़े प्रचार के साथ तथाकथित 10 सूत्रीय ‘पंजाब मॉडल’ पेश किया था, लेकिन आज चार साल बाद यह पूरी तरह विफल साबित हो चुका है और बजट ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया है।
चुघ ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने “हर हाथ को रोजगार” देने का वादा किया था, लेकिन आज पंजाब का युवा अपने ही राज्य में अवसरों की कमी के कारण दूसरे राज्यों और विदेशों की ओर पलायन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि जिस युवा शक्ति को पंजाब का भविष्य लिखना था, वहीं आज बेरोजगारी और निराशा के कारण राज्य छोड़ने को विवश है। नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर केजरीवाल ने दावा किया था कि सरकार बनने के दो सप्ताह के भीतर पंजाब से ड्रग माफिया खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि नशे की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है। चुघ ने कहा कि पिछले बजट में ड्रग जनगणना के लिए Rs. 150 करोड़ का प्रावधान किया गया था, लेकिन एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया। उन्होंने सवाल किया कि यह पैसा कहां गया और क्या इसे केवल प्रचार और राजनीतिक दिखावे में खर्च कर दिया गया।
चुघ ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लगभग हर दिन हत्या, फिरौती, गैंगवार और ग्रेनेड हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। यहां तक कि आम आदमी पार्टी के अपने नेता भी दिनदहाड़े मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस और प्रशासन को राजनीतिक दबाव में कठपुतली बना दिया गया है, जबकि आम पंजाबी असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। चुघ ने कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है। मान सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और खुद उनकी पार्टी के सांसद मलविंदर कंग ने अवैध खनन में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि 2022 में खनन से Rs. 20,000 करोड़ राजस्व लाने का दावा किया गया था, लेकिन चार वर्षों में राज्य को मात्र लगभग Rs. 800 करोड़ ही मिले।
चुघ ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्रांति के नाम पर भी केवल भ्रम फैलाया गया। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत Rs. 10 लाख स्वास्थ्य बीमा देने का दावा किया गया था, लेकिन वास्तव में केवल लगभग Rs. 1 लाख का ही कवरेज है। इसी तरह महिलाओं को Rs. 1000 प्रतिमाह देने का वादा चार साल तक पूरा नहीं किया गया और अब चुनाव नजदीक आते ही घोषणा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले पिछले 48 महीनों के बकाये का जवाब देना चाहिए। चुघ ने कहा कि किसानों के कर्ज माफी और सभी फसलों पर MSP जैसे वादे भी अधूरे पड़े हैं। वहीं उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के दावों के बावजूद पंजाब से बड़े उद्योगों का पलायन हो रहा है आज स्थिति ये है की लुधियाना, जालंधर और अमृतसर से हर बड़ा उद्योग पलायन कर चूका है । उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल का तथाकथित ‘पंजाब मॉडल’ पूरी तरह विफल हो चुका है और पंजाब की जनता अब इस राजनीतिक छल को समझ चुकी है।