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जिला जेल में कैदियों के बीच खूनी संघर्ष

राजौरी में गंभीर सुरक्षा चूक की खबर सार्वजनिक हुई

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से एक गंभीर सुरक्षा चूक और हिंसा की खबर सामने आई है। राजौरी के धनगरी स्थित जिला जेल के भीतर कैदियों के दो गुटों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें मुख्य रूप से कश्मीरी और स्थानीय कैदी शामिल थे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटना उस समय और भी संवेदनशील हो गई जब लगभग उसी समय भद्रवाह की डोडा जिला जेल में मोबाइल फोन तस्करी की एक कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया, जबकि कठुआ जिला जेल में एहतियात के तौर पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

राजौरी की धनगरी जेल में हुई हिंसा की शुरुआत दो कैदियों के बीच मामूली कहासुनी से हुई थी। खबरों के मुताबिक, बहस एक कश्मीरी कैदी और एक स्थानीय राजौरी के कैदी के बीच हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। जल्द ही इस झगड़े ने सामूहिक रूप ले लिया और अन्य कैदी भी इस विवाद में कूद पड़े।

रिपोर्टों में कहा गया है कि हिंसा के दौरान कुछ कैदियों ने जेल के सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ कश्मीरी कैदियों ने कथित तौर पर जेल के भीतर कंबलों में आग लगा दी और धुएं का फायदा उठाकर जेल और पुलिस कर्मियों पर पत्थरों से हमला किया। अनौपचारिक सूत्रों के अनुसार, इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी और कैदी घायल हुए हैं, हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं की है। देर शाम अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

इसी दौरान, भद्रवाह जिला जेल के अधिकारियों ने सुरक्षा जांच के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की। जेल प्रशासन ने एक घरेलू पार्सल को जब्त किया, जिसमें दो कीपैड मोबाइल फोन छिपाकर रखे गए थे। यह पार्सल इरशाद अहमद वानी नामक कैदी के लिए भेजा गया था, जो बांदीपोरा का निवासी है और फरवरी 2026 से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल में बंद है।

जांच में पता चला कि यह पार्सल पुलवामा के मोहम्मद यूनुस वानी द्वारा डाकघर के माध्यम से भेजा गया था। पुलिस ने भेजने वाले के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए उसकी पहचान कर ली है और भद्रवाह पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

राजौरी की हिंसा और भद्रवाह की तस्करी की घटना के बाद, राज्य भर की जेलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसी कड़ी में, कठुआ जिला जेल के भीतर सभी बैरकों की व्यापक तलाशी ली गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस छापेमारी का उद्देश्य जेल के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री या मोबाइल उपकरणों की मौजूदगी का पता लगाना था। हालांकि, कठुआ जेल से किसी बड़ी बरामदगी की खबर नहीं मिली है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह एहतियाती कदम भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है। ये घटनाएं जम्मू-कश्मीर की जेलों में सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती हैं।