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Noida International Airport Status: जेवर एयरपोर्ट का रनवे और टर्मिनल तैयार: DGCA की अंतिम जांच के बाद शुरू होंगी उड़ानें, जानें उद्घाटन की संभावित तारीख

​गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में बनने जा रहे एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन का रास्ता साफ हो गया है. एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाली एजेंसी Bureau of Civil Aviation Security (बीसीएएस) से सुरक्षा मंजूरी मिल गई है. इस मंजूरी के साथ ही एयरपोर्ट के संचालन की सबसे बड़ी और आखिरी अड़चन दूर हो गई है. अधिकारियों के अनुसार अब एयरपोर्ट के संचालन के लिए अंतिम प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं.

उम्मीद जताई जा रही है कि यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो मार्च महीने के अंतिम दिनों में एयरपोर्ट का उद्घाटन हो सकता है. अब Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) की अंतिम जांच बाकी है. यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के मुताबिक इस सप्ताह ही डीजीसीए की टीम आखिरी निरीक्षण कर उड्डयन महानिदेशालय को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी.

डीजीसीए की अंतिम जांच बाकी

सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) द्वारा एयरपोर्ट का अंतिम निरीक्षण किया जाएगा. डीजीसीए की टीम रनवे, टर्मिनल भवन, सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी सुविधाओं की जांच करेगी. यदि निरीक्षण संतोषजनक पाया गया तो डीजीसीए एयरपोर्ट को एयरड्रोम लाइसेंस जारी करेगा.

इसके बाद यहां से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू करने की औपचारिक अनुमति मिल जाएगी. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट ने सभी सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया है. अब केवल एयरड्रोम लाइसेंस मिलने का इंतजार बाकी है. एयरड्रोम लाइसेंस मिलते ही इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा.

पहले चरण में 3300 एकड़ का काम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 1334 हेक्टेयर यानी करीब 3300 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है. यह देश की सबसे बड़ी एविएशन परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है. भविष्य में विस्तार की योजना के तहत एयरपोर्ट का क्षेत्रफल बढ़कर 13,000 एकड़ से अधिक किया जाएगा.

चार चरणों में विकसित होने के बाद यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल हो जाएगा. एयरपोर्ट परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है. पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल भवन के साथ संचालन शुरू होगा. इसके बाद इस एयरपोर्ट को बढ़ाकर 5 से 6 रनवे तक विकसित करने की योजना है. पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी.

किसे होगा लाभ?

जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली एनसीआर के आसपास के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ होगा. खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, हाथरस, हापुड़ और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका फायदा मिलेगा.

अब हवाई यात्रा के लिए उन्हें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी. इस एयरपोर्ट के बनने से दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का दबाव भी कम होगा और पूरे एनसीआर क्षेत्र की हवाई सेवाओं को नई गति मिलेगी. अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट के विकसित होने से यहां के इंडस्ट्री हब को भी बड़ा लाभ होगा.

व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब और अन्य व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

गौतम बुद्ध नगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई दिशा मिलेगी. साथ ही विदेशों से आने वाले पर्यटकों के चलते स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.

मार्च के अंत तक उद्घाटन!

एयरपोर्ट को सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अब इसके उद्घाटन को लेकर भी उम्मीदें तेज हो गई हैं. अधिकारियों का मानना है कि यदि डीजीसीए की अंतिम प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती है तो मार्च महीने के अंतिम दिनों में प्रधानमंत्री द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जा सकता है.

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का संचालन शुरू हो जाएगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.